Adelaide News: ऑस्ट्रेलिया के एडिलेड शहर से एक बेहद शर्मनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। वहां की एक स्थानीय अदालत ने 39 वर्षीय भारतीय नागरिक सुमित सतीश रस्तोगी को महिलाओं के साथ घिनौनी हरकतें करने के जुर्म में कड़ी सजा सुनाई है। अदालत ने कुल 97 गंभीर अपराधों में दोषी पाते हुए आरोपी को 13 साल और 10 महीने की जेल की सजा सुनाई है। इस फैसले के बाद अंतरराष्ट्रीय मीडिया में इस मामले की खूब चर्चा हो रही है।
मसाज पार्लर की आड़ में रची हैवानियत की खौफनाक पटकथा: बिना योग्यता के कर रहा था काम
गंभीर आपराधिक मामलों की सुनवाई के दौरान कोर्ट में यह बात साबित हुई कि दोषी सुमित रस्तोगी एडिलेड के एक नामचीन मसाज पार्लर में थेरेपिस्ट के तौर पर काम करता था। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि वह इस संवेदनशील काम को करने के लिए कानूनी रूप से बिल्कुल भी योग्य नहीं था। उसने फर्जी तरीके से नौकरी हासिल की और फिर थेरेपी कराने आने वाली लाचार महिला ग्राहकों को अपनी हवस का शिकार बनाना शुरू कर दिया।
अक्टूबर 2021 से जुलाई 2022 के बीच दिया वारदातों को अंजाम: अश्लील वीडियो भी बनाए
स्थानीय पुलिस की विस्तृत जांच रिपोर्ट के अनुसार, शातिर अपराधी सुमित रस्तोगी ने इन सभी घिनौने अपराधों को अक्टूबर 2021 से जुलाई 2022 के बीच अंजाम दिया था। वह थेरेपी के बहाने महिलाओं को अकेले पाकर उनके साथ बार-बार दर्दनाक यौन उत्पीड़न करता था। पुलिस ने आरोपी के पास से कई आपत्तिजनक डिजिटल साक्ष्य भी बरामद किए हैं, जिससे साबित होता है कि वह पीड़िताओं के छिपे हुए कैमरों से अश्लील वीडियो भी बनाता था।
नौ महीनों में 61 महिलाओं की गरिमा को किया तार-तार: न्यायाधीश कारमेन मैटियो ने सुनाया कड़ा फैसला
ऑस्ट्रेलियाई मीडिया संस्थान एबीसी न्यूज (ABC News) के मुताबिक, मामले की अंतिम सुनवाई करते हुए जिला अदालत की न्यायाधीश कारमेन मैटियो ने सजा सुनाते समय रस्तोगी के काले कारनामों का कच्चा चिट्ठा खोल कर रख दिया। उन्होंने बेहद सख्त लहजे में टिप्पणी करते हुए कहा कि दोषी ने मात्र नौ महीनों के भीतर कुल 61 महिलाओं की अस्मत के साथ घिनौना खिलवाड़ किया और समाज को बुरी तरह कलंकित किया।
भरोसे का कत्ल करके जानबूझकर खींचीं प्राइवेट अंगों की तस्वीरें: कोर्ट ने माना नियमित अपराध
न्यायाधीश कारमेन मैटियो ने अपने ऐतिहासिक फैसले में आगे कहा कि आरोपी ने मसाज कराने आई महिलाओं के पवित्र भरोसे का क्रूरतापूर्वक दुरुपयोग किया। उसने इलाज के बहाने उनके साथ घोर अनादर और गरिमाहीन व्यवहार किया। आरोपी जानबूझकर पीड़िताओं के शरीर के उन अति निजी अंगों की तस्वीरें लेता और वीडियो रिकॉर्ड करता था, जिन्हें गोपनीय रखने का हर महिला को पूरा कानूनी और नैतिक अधिकार प्राप्त है।
आत्मविश्वास बढ़ने के साथ और भी ज्यादा खूंखार हुआ अपराधी: चुपके से आपत्तिजनक फोटो लेने की थी लत
अदालत ने इस मामले को समाज के लिए एक बड़ा खतरा माना है। न्यायाधीश ने आदेश में साफ लिखा कि समय बीतने के साथ जैसे-जैसे रस्तोगी का हौसला बढ़ता गया, उसके अपराध करने के तरीके और भी ज्यादा गंभीर और हिंसक होते चले गए। वह पूरी तरह बेखौफ होकर महिला ग्राहकों की चुपके से बेहद आपत्तिजनक तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करने लगा था। हालांकि, जुलाई 2022 में पुलिस ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया था।

