Business News: भारतीय शेयर बाजार में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने अचानक बहुत बड़ी बिकवाली करके हड़कंप मचा दिया है। नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 15 मई को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान विदेशी निवेशकों ने कुल ₹13,740.89 करोड़ की भारी-भरकम राशि निकाल ली है।
वैश्विक स्तर पर जारी भारी अनिश्चितताओं के बीच विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से लगातार अपनी पूंजी समेट रहे हैं। पश्चिम एशिया में बढ़ता गंभीर भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतें और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लगातार कमजोर होता रुपया इसकी सबसे बड़ी और मुख्य वजह माना जा रहा है।
बाजार के बड़े विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी निवेशक इस समय किसी भी तरह का जोखिम लेने से पूरी तरह बच रहे हैं। पश्चिम एशिया के युद्ध ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को बुरी तरह प्रभावित किया है। इससे भारत जैसी तेजी से उभरती हुई बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में अनिश्चितता का माहौल काफी बढ़ गया है।
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और कमजोर रुपये से बढ़ा संकट
भारत अपनी जरूरत का सबसे ज्यादा कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में उछाल आने से देश का व्यापार घाटा बढ़ना पूरी तरह तय है। इससे भारतीय संपत्तियां विदेशी फंडों के लिए मुनाफे के लिहाज से अब उतनी आकर्षक नहीं रह गई हैं।
डॉलर के मुकाबले रुपये में आ रही रिकॉर्ड गिरावट ने भी विदेशी निवेशकों को सतर्क कर दिया है। जब भारतीय मुद्रा का अवमूल्यन होता है, तो विदेशी निवेशकों का वास्तविक रिटर्न डॉलर के संदर्भ में काफी कम हो जाता है। यही कारण है कि वे बाजार से अपना पैसा निकालना सुरक्षित समझ रहे हैं।
इस एक दिन हुई सबसे भयानक बिकवाली, टूट गया भरोसा
इस सप्ताह बिकवाली का मुख्य केंद्र इक्विटी बाजार रहा, जहां से FPIs ने अकेले ₹12,817.11 करोड़ निकाल लिए। इसके अलावा ऋण बाजार (Debt Market) में भी भारी बिकवाली देखी गई। सप्ताह की शुरुआत बहुत कमजोर रही और 11 मई को विदेशी निवेशकों ने ₹1,131.77 करोड़ की शुद्ध निकासी दर्ज की।
इसके बाद 12 मई को बिकवाली का दबाव अचानक बहुत खतरनाक तरीके से बढ़ गया। इस एक अकेले दिन में विदेशी निवेशकों ने बाजार से ₹7,545.99 करोड़ निकाल लिए। हालांकि 13 मई को बाजार में ₹346.37 करोड़ का मामूली निवेश आया, लेकिन यह सुधार बहुत ही थोड़े समय के लिए टिका।
आर्थिक स्थिरता के लिए पीएम मोदी ने देशवासियों से की खास अपील
हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन FPIs ने इक्विटी में ₹1,111.53 करोड़ का निवेश जरूर किया, जिससे बाजार का कुल नुकसान थोड़ा कम हुआ। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी नागरिकों से सोने और चांदी की ज्यादा खरीदारी से बचने की एक बहुत ही विशेष और बड़ी अपील की है।
पीएम मोदी ने जनता से आग्रह किया है कि वे सोने के बजाय देश की वित्तीय स्थिरता बढ़ाने वाले उपायों का पूरा समर्थन करें। सरकार का मुख्य मकसद रुपये को मजबूत करना और भारी आयात बिल को कम करना है। विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक तनाव के चलते आने वाले दिनों में बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा।
Author: Rajesh Kumar


