New Delhi News: आयकर विभाग ने करदाताओं को एक बड़ी राहत देते हुए अगले असेसमेंट ईयर (AY 2026-2027) के लिए इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म भरने की ऑनलाइन सुविधा शुरू कर दी है। वर्तमान में पोर्टल पर सबसे कॉमन कैटेगरी के ITR-1 और ITR-4 फॉर्म को लाइव किया गया है। विभाग के इस त्वरित कदम से देश के करोड़ों नौकरीपेशा नागरिकों और छोटे कारोबारियों को आखिरी तारीख की भागदौड़ से बचने और अपना रिटर्न समय से पहले फाइल करने का एक शानदार मौका मिलेगा।
जल्दी आईटीआर फाइल करने के बेहतरीन फायदे और तैयारी
समय रहते आईटीआर दाखिल करने का सबसे बड़ा लाभ यह होता है कि आपका टैक्स रिफंड बेहद तेजी से प्रोसेस होकर बैंक खाते में आ जाता है। इसके अलावा करदाता जुलाई महीने के अंतिम दिनों में होने वाली भारी तकनीकी दिक्कतों और मानसिक तनाव से भी आसानी से बच जाते हैं। टैक्सपेयर्स को दृढ़ता से सलाह दी जाती है कि वे फाइलिंग की प्रक्रिया शुरू करने से पहले अपने सभी जरूरी वित्तीय दस्तावेज पहले से ही तैयार रखें, ताकि फॉर्म भरते समय किसी भी बड़ी गलती की गुंजाइश न रहे।
ITR-1 और ITR-4 फॉर्म भरने के लिए जरूरी पात्रता नियम
इनकम टैक्स नियमों के अनुसार ITR-1 फॉर्म उन नागरिकों के लिए निर्धारित है जिनकी कुल सालाना कमाई 50 लाख रुपये तक होती है। यह आय मुख्य रूप से सैलरी, पेंशन या किसी एक हाउस प्रॉपर्टी के जरिए होनी चाहिए। दूसरी ओर, ITR-4 फॉर्म उन छोटे व्यापारियों, फ्रीलांसरों और प्रोफेशनल्स के लिए है जो प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन स्कीम के तहत अपनी टैक्स गणना करते हैं। इस सुगम फॉर्म में भी कुल सालाना आय की अधिकतम सीमा 50 लाख रुपये ही तय की गई है।
फाइलिंग से पहले इन जरूरी दस्तावेजों का करें मिलान
रिटर्न दाखिल करने से पहले सभी करदाताओं को अपना एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट और फॉर्म 26AS का बारीकी से मिलान कर लेना चाहिए। विभाग इन्हीं ऑनलाइन रिकॉर्ड्स के जरिए आपकी घोषित आय की क्रॉस-चेकिंग करता है, इसलिए डेटा में कोई अंतर नहीं होना चाहिए। इसके अलावा नौकरीपेशा कर्मचारियों को अपने एम्प्लॉयर से मिलने वाले फॉर्म 16 का इंतजार करना चाहिए। साथ ही धारा 80C और 80D के तहत टैक्स छूट का दावा करने के लिए निवेश संबंधी सभी रसीदें पास रखनी चाहिए। फॉर्म का प्रकार किसके लिए है आय की सीमा ITR-1 (सहज) सैलरी और ब्याज ₹50 लाख तक ITR-4 (सुगम) बिजनेस और प्रोफेशन ₹50 लाख तक
पोर्टल पर इस बार क्या है नया और कैसे पाएं तेज रिफंड
आयकर विभाग का नया ई-फाइलिंग पोर्टल अब पहले से कहीं अधिक तेज प्रोसेसिंग और बेहतर प्री-फिल्ड डेटा की सुविधा दे रहा है। बैंक ब्याज और डिविडेंड जैसी कई महत्वपूर्ण जानकारियां अब फॉर्म में स्वचालित रूप से भरी हुई दिखाई देंगी, जिससे मैन्युअल एंट्री का काम कम हो जाएगा। रिटर्न सबमिट करने के बाद 30 दिनों के भीतर आधार ओटीपी या नेट बैंकिंग के जरिए इलेक्ट्रॉनिक वेरिफिकेशन करना अनिवार्य है। ऐसा न करने पर आपका भरा हुआ रिटर्न पूरी तरह अमान्य घोषित कर दिया जाएगा।


