Himachal Pradesh News: मंडी जिला के राजकीय उत्कृष्ट वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चैल चौक में शिक्षा के मंदिर पर भू-माफिया की काली नजर पड़ गई है। प्रदेश में जहां हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट अवैध कब्जों के खिलाफ सख्त आदेश जारी कर रहे हैं, वहीं इस स्कूल के ग्राउंड पर सरेआम जेसीबी चलाकर अवैध सड़क बना दी गई है। दबंगों ने स्कूल की जमीन की निशानदेही के बाद लगाए गए लोहे के एंगल तक उखाड़ फेंके हैं, जिससे स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
नियमों को ताक पर रखकर अवैध सड़क का निर्माण
हैरानी की बात यह है कि स्कूल परिसर से अब बेधड़क होकर गृह निर्माण सामग्री ले जाई जा रही है। माफिया ने न केवल स्कूल की फेंसिंग तोड़ी, बल्कि भारी मशीनरी लगाकर जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की है। एक व्यक्ति ने तो बाकायदा स्कूल की जमीन पर अपनी निजी खुदाई की मिट्टी फेंक कर उस हिस्से को हड़प लिया है। इस पूरे घटनाक्रम के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिसमें माफिया का दुस्साहस और प्रशासन की लाचारी साफ दिखाई दे रही है।
प्रिंसिपल का अजीब तर्क और फंड की कमी का बहाना
जब इस गंभीर मामले पर स्कूल की प्रिंसिपल से पूछताछ की गई, तो उनका जवाब बेहद चौंकाने वाला था। प्रिंसिपल ने दावा किया कि उन्हें इस अवैध निर्माण की विशेष जानकारी नहीं है क्योंकि उनका तबादला हाल ही में हुआ है। उन्होंने फंड की कमी का हवाला देते हुए सड़क रोकने में असमर्थता जताई। हालांकि, 300 से अधिक छात्रों के प्रवेश और एसएमसी फंड एकत्र होने के बाद भी फंड की कमी का बहाना बनाना उनके इरादों पर गंभीर संदेह पैदा करता है।
एसएमसी सदस्यों को हटाने की साजिश का आरोप
मामला और भी पेचीदा तब हो गया जब स्कूल मैनेजमेंट कमेटी (एसएमसी) के प्रधान देवेंद्र कुमार ने गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि प्रिंसिपल ने बैठक में सदस्यों को यह कहकर हटाने की कोशिश की कि उनके बच्चे स्कूल से निकल चुके हैं। जबकि हकीकत में छात्रों के स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट अभी जारी नहीं हुए हैं। यह कदम कथित तौर पर इसलिए उठाया गया ताकि अवैध सड़क निर्माण का विरोध करने वाली कमेटी को निष्क्रिय किया जा सके और माफिया को लाभ मिल सके।
डिप्टी डायरेक्टर ने दिए जांच के कड़े निर्देश
स्कूल ग्राउंड से सड़क निकलने के कारण छात्रों की सुरक्षा पर भी बड़ा खतरा मंडरा रहा है। बच्चे इसी मैदान में खेलते और बैठते हैं, ऐसे में भारी वाहनों की आवाजाही किसी बड़ी अनहोनी को न्योता दे रही है। इस मामले में मंडी के डिप्टी डायरेक्टर ने स्पष्ट किया है कि स्कूल की भूमि पर किसी भी प्रकार का कब्जा पूरी तरह अवैध है। उन्होंने तत्काल मामले की गंभीरता को समझते हुए जांच के आदेश दिए हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही का आश्वासन दिया है।


