World News: मध्य पूर्व में जारी भीषण युद्ध के बीच एक बेहद सनसनीखेज और डराने वाली खबर सामने आ रही है। ईरान ने वैश्विक समुदाय को एक बार फिर खुली चुनौती देते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह ब्लॉक करने की कड़क धमकी दी है।
ईरानी न्यूज एजेंसी तस्नीम के अनुसार तेहरान प्रशासन ने सामरिक रूप से महत्वपूर्ण बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य सहित कई अन्य नए समुद्री मोर्चों पर भारी सैन्य तनाव बढ़ाने का फैसला लिया है। इससे पूरी दुनिया में तेल सप्लाई ठप होने का बड़ा खतरा मंडराने लगा है।
ईरान ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि वह लेबनान में इजरायल की लगातार बढ़ती आक्रामकता के विरोध में अमेरिका के साथ होने वाली सभी अप्रत्यक्ष शांति वार्ताओं को तुरंत बंद कर रहा है। तेहरान ने बिचौलियों के माध्यम से होने वाले संदेशों के आदान-प्रदान पर पूरी तरह रोक लगा दी है।
ईरानी सशस्त्र बलों और उनके सहयोगी प्रतिरोध मोर्चे के सभी गुटों ने इन जायनोवादी अपराधों का मुंहतोड़ जवाब देने का दृढ़ संकल्प लिया है। ईरान का मानना है कि इजरायल ने लेबनान में हुए अंतरराष्ट्रीय युद्धविराम समझौते की शर्तों का सरेआम उल्लंघन किया है।
जब तक इजरायली सेना पीछे नहीं हटती तब तक कोई बातचीत नहीं
ईरान की उच्च स्तरीय वार्ताकार टीम ने साफ कर दिया है कि जब तक गाजा और लेबनान में इजरायल के क्रूर सैन्य अभियान तुरंत नहीं रुकते, तब तक कोई नया संवाद संभव नहीं है। इजरायल को लेबनान के सभी कब्जे वाले क्षेत्रों से अपनी सेना को हर हाल में पूरी तरह वापस बुलाना होगा।
तेहरान प्रशासन ने चेतावनी दी है कि जब तक प्रतिरोध मोर्चे के सभी तार्किक विचारों को वैश्विक स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाता, तब तक बातचीत के दरवाजे पूरी तरह बंद रहेंगे। ईरान अपने समर्थकों के साथ मिलकर इजरायल को सजा देने के लिए समुद्री मार्गों की नाकेबंदी शुरू कर रहा है।
इस बीच खाड़ी देशों में सैन्य हलचल और तेज हो गई है। हिजबुल्लाह ने सोमवार सुबह इजरायल के तटीय शहर हाइफा के बाहरी इलाकों पर ताबड़तोड़ रॉकेट दागे। इस भारी हमले के तुरंत बाद इजरायल सरकार ने बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर भीषण बमबारी का नया आदेश जारी कर दिया।
नेतन्याहू ने दिया बेरूत पर हमले का आदेश और दहिये से भागे लोग
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज़ ने एक संयुक्त बयान जारी कर इस सैन्य कार्रवाई की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि हिजबुल्लाह द्वारा संघर्ष-विराम के बार-बार उल्लंघन करने और हमारे नागरिकों पर हमले के बाद ही यह दंडात्मक कदम उठाया गया है।
दोनों देशों के बीच अप्रैल के मध्य में एक शांति समझौते पर हस्ताक्षर हुए थे, लेकिन इजरायली हमलों के जवाब में हिजबुल्लाह ने दोबारा रॉकेट दागने शुरू कर दिए। इजरायल के जमीनी सैनिक इस समय पिछले 26 वर्षों में लेबनान के सबसे अंदरूनी हिस्से तक दाखिल हो चुके हैं।
सोमवार को इजरायली सेना की भीषण बमबारी की चेतावनी के बाद लेबनान के दहिये इलाके से बड़ी संख्या में स्थानीय लोग अपनी जान बचाकर भागते हुए देखे गए। इस कारण उपनगर से बाहर जाने वाली सभी सड़कें गाड़ियों के भारी रेले से पूरी तरह जाम हो गईं।
Author: Pallavi Sharma


