सीबीएसई 12वीं के रिजल्ट के बाद मचे हाहाकार पर शिक्षा मंत्रालय का बड़ा एक्शन: रीचेकिंग फीस में 85% की भारी कटौती, नंबर बढ़ने पर पूरा पैसा होगा रिफंड

New Delhi News: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की कक्षा 12वीं के परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद छात्रों और अभिभावकों के बीच मचे भारी असमंजस को देखते हुए शिक्षा मंत्रालय ने एक बहुत बड़ा राहत भरा कदम उठाया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि बोर्ड की नई डिजिटल ‘ऑन-स्क्रीन मार्किंग’ (OSM) प्रणाली पूरी तरह सुरक्षित और अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप है। इस नई और पारदर्शी मूल्यांकन पद्धति को लेकर फैली तमाम आशंकाओं को मंत्रालय ने पूरी तरह खारिज कर दिया है।

छात्रों का मानसिक सुकून हमारे लिए सर्वोपरि, निष्पक्ष जांच के लिए ही लागू हुई डिजिटल व्यवस्था

सीबीएसई ने भी नई कंप्यूटर आधारित मूल्यांकन पद्धति को लेकर सोशल मीडिया पर फैली घबराहट पर अपनी चुप्पी तोड़ दी है। बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि छात्रों का भविष्य और उनका मानसिक सुकून उनके लिए सबसे ऊपर है। बोर्ड ने कहा कि ओएसएम प्रणाली को छात्रों की सहूलियत, त्वरित परिणाम और कॉपियों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए ही देश भर में पूरी ईमानदारी से लागू किया गया है।

98 लाख उत्तर पुस्तिकाओं की हुई डिजिटल स्कैनिंग, पास प्रतिशत गिरने का तकनीक से कोई संबंध नहीं

एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए स्कूल शिक्षा सचिव संजय कुमार ने बताया कि इस साल रिकॉर्ड 98 लाख उत्तर पुस्तिकाओं को डिजिटल रूप से स्कैन किया गया था। उन्होंने आंकड़ों के साथ बताया कि डिजिटल मार्किंग की वजह से पास प्रतिशत में गिरावट आने की सोशल मीडिया पर चल रही बातें पूरी तरह निराधार हैं। इस साल 12वीं का कुल पास प्रतिशत पिछले साल के 88 प्रतिशत से घटकर 85 प्रतिशत रहा है।

टोटलिंग की मानवीय गलतियां हुई पूरी तरह खत्म, सुरक्षा के तीन कड़े स्तरों से गुजरी हैं सभी कॉपियां

शिक्षा सचिव संजय कुमार ने बताया कि परीक्षा परिणाम का तकनीक या सॉफ्टवेयर से कोई भी सीधा संबंध नहीं है। कॉपियों की स्कैनिंग के दौरान सुरक्षा के तीन कड़े स्तरों का सख्ती से पालन किया गया था। इस आधुनिक वैज्ञानिक प्रक्रिया से कॉपियों के मूल्यांकन के बाद अंकों को जोड़ने (टोटलिंग) में होने वाली मानवीय गलतियों की गुंजाइश अब पूरी तरह खत्म हो गई है, जिससे मेधावी छात्रों को उनका सही हक मिला है।

लाइट इंक वाली 13 हजार कॉपियों को शिक्षकों ने हाथ से जांचा, छात्रों के भविष्य को दी सर्वोच्च प्राथमिकता

शिक्षा सचिव ने एक विशेष समस्या का जिक्र करते हुए बताया कि कुछ उत्तर पुस्तिकाओं में छात्रों ने बहुत हल्की स्याही (लाइट इंक) का इस्तेमाल किया था। इसके कारण बार-बार हाई-टेक स्कैन करने के बाद भी कंप्यूटर स्क्रीन पर वे कॉपियां पढ़ने योग्य नहीं थीं। ऐसे संवेदनशील मामलों में छात्रों के हितों को प्राथमिकता देते हुए करीब 13 हजार उत्तर पुस्तिकाओं को अलग से पहचानकर अनुभवी शिक्षकों द्वारा मैनुअली हाथ से जांचा गया।

रीचेकिंग फीस में की गई ऐतिहासिक कटौती, अब 700 के बजाय देने होंगे मात्र 100 रुपये

छात्रों के मानसिक तनाव और आर्थिक बोझ को कम करने के लिए शिक्षा मंत्रालय ने रीचेकिंग की फीस को अब नाममात्र कर दिया है। नए नियमों के तहत अब छात्र अपनी मूल्यांकित उत्तर पुस्तिका की डिजिटल कॉपी देखने के लिए 700 रुपये के बजाय मात्र 100 रुपये शुल्क देंगे। वहीं, किसी उत्तर पुस्तिका के कुल अंकों के पुनर्सत्यापन (वेरिफिकेशन) के लिए 500 रुपये की जगह सिर्फ 100 रुपये देने होंगे।

चैलेंज करने पर यदि बढ़ गए अंक तो बैंक खाते में वापस आएगी पूरी फीस, मंत्रालय का बड़ा ऐलान

शिक्षा मंत्रालय ने छात्रों के हित में एक और ऐतिहासिक लोक-कल्याणकारी ऐलान किया है। यदि कोई छात्र किसी विशेष प्रश्न के पुनर्मूल्यांकन (री-इवैल्युएशन) से असंतुष्ट है, तो प्रति प्रश्न शुल्क को घटाकर केवल 25 रुपये तय किया गया है। सबसे बड़ी बात यह है कि यदि पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद छात्र के मुख्य परीक्षा परिणाम में एक भी अंक बढ़ता है, तो उसके द्वारा जमा की गई पूरी फीस वापस कर दी जाएगी।

19 मई से खुलेगी सीबीएसई की विशेष विंडो, असंतुष्ट छात्र टाइमलाइन देखकर ऐसे दर्ज कराएं आपत्ति

सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने परेशान छात्रों को सांत्वना देते हुए पूरी शिकायत प्रक्रिया की आधिकारिक समय-सीमा (टाइमलाइन) भी जारी कर दी है। इसके तहत आगामी 19 मई से 22 मई के बीच पहली समीक्षा अवधि विंडो खुलेगी। इस दौरान अपने अंकों से असंतुष्ट छात्र अपनी मूल्यांकित उत्तर पुस्तिकाओं की डिजिटल कॉपी प्राप्त करने के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आसानी से ऑनलाइन आवेदन दर्ज कर सकते हैं।

विशेषज्ञों का पैनल सुधारेगा कॉपियों की हर गड़बड़ी, 26 मई से चालू होगी त्रुटि सुधार विंडो

इसके बाद बोर्ड द्वारा 26 मई से 29 मई के बीच एक विशेष त्रुटि सुधार विंडो खोली जाएगी। यदि छात्रों को अपनी उत्तर पुस्तिकाओं में मूल्यांकन की कोई बड़ी गड़बड़ी या अंक जोड़ने में कोई साफ गलती मिलती है, तो वे इस दूसरी विंडो के माध्यम से अपनी आपत्ति साक्ष्यों के साथ दर्ज करा सकते हैं। छात्रों की इन सभी डिजिटल आपत्तियों को विषय विशेषज्ञों का एक उच्च स्तरीय स्वतंत्र पैनल पूरी तरह सुधारेगा।

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