World News: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर की चर्चाओं ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों को भारी अंतर से नीचे गिरा दिया है। क्रूड ऑयल के दाम करीब छह सप्ताह के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए हैं।
वैश्विक बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल का भाव 90 डॉलर के नीचे फिसल गया है। यह अब 89.24 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है। इसी तरह वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट यानी डब्ल्यूटीआई क्रूड भी गिरकर 86.35 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। इससे आम जनता को महंगाई से बड़ी राहत मिल सकती है।
अमेरिका और ईरान के बीच गुप्त बातचीत
इस पूरे महीने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे ही बनी रही। इसका मुख्य कारण ईरान और अमेरिका के बीच संभावित समझौता माना जा रहा है। दोनों देशों के बीच अलग अलग चैनल्स के जरिए लगातार बातचीत हो रही है। इससे कच्चे तेल में अधिक उछाल नहीं आया।
बताया जा रहा है कि दोनों देश पश्चिम एशिया में मौजूदा सीजफायर को अगले साठ दिनों तक बढ़ाने पर सहमत हो सकते हैं। हालांकि दोनों पक्षों के बीच अभी तक कोई भी अंतिम डील फाइनल नहीं हुई है। इस वजह से अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में अभी भी लगातार असमंजस और भारी अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है।
होर्मुज स्ट्रेट से जुड़ी सबसे बड़ी उम्मीद
इस संभावित समझौते से होर्मुज स्ट्रेट के जरिए मालवहन दोबारा सुचारू रूप से शुरू होने की भारी उम्मीद है। खाड़ी देशों से होने वाली कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की वैश्विक सप्लाई मुख्य रूप से होर्मुज स्ट्रेट के संकरे रास्ते से ही होती है। यह दुनिया का सबसे अहम और व्यस्त व्यापारिक समुद्री मार्ग माना जाता है।
पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू होने के बाद से ही इस जलमार्ग से जहाजों की आवाजाही लगभग पूरी तरह से ठप पड़ी है। इसके कारण वैश्विक स्तर पर पेट्रोलियम उत्पादों की सप्लाई बुरी तरह से प्रभावित हुई है। कंपनियों को अपना माल भेजने के लिए काफी लंबे और बेहद घुमावदार समुद्री मार्ग का सहारा लेना पड़ रहा है।
इस लंबे समुद्री रास्ते के इस्तेमाल से जहाजों की परिवहन लागत बहुत अधिक बढ़ गई है। इसी वजह से पहले से ही महंगे हो चुके पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में और ज्यादा आग लग गई थी। अब अगर यह समुद्री मार्ग दोबारा खुलता है, तो वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में और गिरावट देखने को मिलेगी।
ईरान के विदेश मंत्रालय का स्पष्टीकरण
इन तमाम चर्चाओं और उम्मीदों के बीच ईरान के विदेश मंत्रालय ने एक अहम बयान जारी किया है। मंत्रालय ने साफ़ कहा है कि अभी तक सीजफायर पर कोई भी आखिरी सहमति नहीं बन पाई है। वर्तमान में सिर्फ दोनों पक्षों के बीच कूटनीतिक संदेशों का ही आदान-प्रदान हो रहा है। अंतिम फैसला आना बाकी है।
Author: Rajesh Kumar

