Afghanistan News: पूर्वी अफगानिस्तान में शनिवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में कम से कम 22 लोगों की जान चली गई, जबकि 36 अन्य घायल हो गए। पाकिस्तान से लौट रहे अफगान शरणार्थियों से भरा एक ट्रक लघमान प्रांत के हाईवे पर पलट गया। मृतकों और घायलों में बड़ी संख्या महिलाओं और बच्चों की है।
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, हादसा उस प्रमुख मार्ग पर हुआ जो राजधानी काबुल को नंगरहार प्रांत से जोड़ता है। दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। राहतकर्मियों और स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाव अभियान शुरू किया और घायलों को सुरक्षित निकालकर अस्पताल पहुंचाया।
बच्चों और महिलाओं की सबसे ज्यादा जान गई
प्रांतीय गवर्नर के प्रवक्ता अब्दुल मलिक नियाजी ने बताया कि मृतकों में 10 बच्चे और पांच महिलाएं शामिल हैं। हादसे में घायल हुए अधिकांश लोग भी महिलाएं और बच्चे हैं। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को बेहतर इलाज के लिए नंगरहार प्रांत के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
प्रत्यक्ष जानकारी के मुताबिक, ट्रक में बड़ी संख्या में लोग सवार थे। दुर्घटना के बाद कई यात्री वाहन के नीचे दब गए। बचाव दल ने घंटों की मशक्कत के बाद घायलों और शवों को बाहर निकाला। प्रशासन ने मृतकों की पहचान की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
तालिबान सरकार ने जताया गहरा दुख
तालिबान सरकार के मुख्य प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने हादसे पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को राहत और चिकित्सा सहायता तेज करने के निर्देश दिए हैं।
अफगानिस्तान में सड़क दुर्घटनाएं लंबे समय से गंभीर समस्या बनी हुई हैं। कई इलाकों में सड़कें खराब स्थिति में हैं। इसके अलावा, तेज रफ्तार और यातायात नियमों की अनदेखी भी हादसों की बड़ी वजह मानी जाती है। विशेषज्ञ लगातार सड़क सुरक्षा सुधारने की जरूरत पर जोर देते रहे हैं।
पड़ोसी देशों से लौट रहे लाखों अफगान
दुर्घटनाग्रस्त ट्रक में सवार लोग उन हजारों अफगान नागरिकों में शामिल थे जो हाल के महीनों में पाकिस्तान से वापस लौटे हैं। पाकिस्तान ने 2023 में बिना वैध दस्तावेज वाले प्रवासियों के खिलाफ अभियान शुरू किया था। इसके बाद बड़ी संख्या में अफगान नागरिकों को देश छोड़ना पड़ा।
इसी अवधि में ईरान ने भी अफगान प्रवासियों की वापसी की प्रक्रिया तेज कर दी। परिणामस्वरूप लाखों अफगान अपने देश लौट चुके हैं। इनमें कई ऐसे परिवार भी शामिल हैं जिन्होंने पाकिस्तान में दशकों तक जीवन बिताया था और जिनकी नई पीढ़ी का जन्म भी वहीं हुआ था।
Author: Pallavi Sharma

