Karachi News: पाकिस्तान की आर्थिक राजधानी कराची इन दिनों गंभीर जल संकट से जूझ रही है। भीषण गर्मी के बीच करोड़ों लोगों को पानी की कमी का सामना करना पड़ रहा है। बकरीद के दौरान हालात और बिगड़ गए। शहर के कई इलाकों में नियमित जलापूर्ति ठप रही, जिससे लोगों को निजी टैंकरों पर निर्भर होना पड़ा।
रिपोर्टों के अनुसार कराची की बड़ी आबादी पिछले कई सप्ताह से पानी की कटौती झेल रही है। बढ़ते तापमान और सीमित आपूर्ति ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। कई इलाकों में घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा। इसके कारण नागरिकों को महंगे दामों पर पानी खरीदना पड़ रहा है।
बकरीद के बीच गहराया जल संकट
जल संकट ऐसे समय सामने आया जब पाकिस्तान में ईद-उल-अजहा यानी बकरीद का त्योहार मनाया जा रहा था। त्योहार के दौरान अतिरिक्त पानी की मांग रहती है। हालांकि कई इलाकों में लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिला। इससे दैनिक जरूरतों के साथ धार्मिक गतिविधियों को पूरा करने में भी दिक्कतें आईं।
जमात ए इस्लामी के प्रमुख हाफिज नईम उर रहमान ने सिंध सरकार और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों से सत्ता में रहने के बावजूद सरकार कराची की पुरानी जल समस्या का समाधान नहीं कर सकी। उन्होंने इसे प्रशासनिक विफलता का उदाहरण बताया।
सरकार और स्थानीय प्रशासन पर सवाल
हाफिज नईम ने कहा कि बकरीद की छुट्टियों के दौरान हजारों परिवार बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष करते रहे। उनके अनुसार सिंध सरकार प्रभावी राहत देने में सफल नहीं रही। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि लंबे समय से शासन करने के बावजूद कराची में जलापूर्ति व्यवस्था क्यों नहीं सुधारी जा सकी।
जमात ए इस्लामी प्रमुख ने कराची के मेयर मुर्तजा वहाब के उस दावे पर भी सवाल खड़े किए, जिसमें शहर में बड़े जल संकट से इनकार किया गया था। उन्होंने कहा कि जमीनी स्थिति अलग तस्वीर दिखाती है। कई इलाकों में लोग रोजाना पानी की तलाश में भटक रहे हैं।
टैंकरों के सहारे चल रहा शहर
कराची के कई हिस्सों में जलापूर्ति प्रभावित होने के कारण निजी टैंकरों की मांग तेजी से बढ़ी है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नियमित सप्लाई नहीं मिलने से उन्हें अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है। गर्म मौसम ने समस्या को और गंभीर बना दिया है तथा लोगों की परेशानी लगातार बढ़ रही है।
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक शहर के बड़े हिस्से में पानी की उपलब्धता सामान्य नहीं है। कई आवासीय क्षेत्रों में नल सूखे पड़े हैं। प्रशासन आपूर्ति सुधारने के प्रयासों की बात कर रहा है, लेकिन प्रभावित इलाकों के लोगों को अब भी राहत का इंतजार है।
Author: Pallavi Sharma

