World News: अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन में व्हाइट हाउस के पास एक बार फिर सुरक्षा को गंभीर चुनौती देते हुए भीषण गोलीबारी की घटना हुई है। अमेरिकी कानून प्रवर्तन अधिकारियों के अनुसार, एक सशस्त्र संदिग्ध व्यक्ति व्हाइट हाउस के सुरक्षा चेकपॉइंट पर पहुंचा और वहां तैनात अधिकारियों पर अंधाधुंध गोलियां बरसानी शुरू कर दीं।
सुरक्षा घेरा तोड़कर थैले से निकाली बंदूक, दागीं कई गोलियां
यूएस सीक्रेट सर्विस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, यह सनसनीखेज घटना शनिवार शाम करीब 6 बजे की है। संदिग्ध व्यक्ति व्हाइट हाउस परिसर के ठीक बाहर 17वें स्ट्रीट और पेंसिल्वेनिया एवेन्यू नॉर्थवेस्ट के चौराहे पर स्थित सुरक्षा बूथ के पास पहुंचा। उसने अचानक अपने बैग से हथियार निकाला और ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों पर फायरिंग शुरू कर दी।
शुरुआती रिपोर्ट्स में जहां दो से तीन राउंड फायरिंग की बात कही जा रही थी, वहीं प्रत्यक्षदर्शियों और मीडिया टीमों के अनुसार मौके पर लगभग 15 से 30 राउंड गोलियों की तड़तड़ाहट गूंज उठी। इस अचानक हुए हमले से वहां मौजूद लोगों और पर्यटकों में भारी भगदड़ मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
जवाबी कार्रवाई में मारा गया हमलावर, एक राहगीर भी गंभीर रूप से घायल
चेकपॉइंट पर तैनात सीक्रेट सर्विस के जांबाज अधिकारियों ने बिना वक्त गंवाए त्वरित जवाबी कार्रवाई की और हमलावर पर गोलियां चलाईं। सीक्रेट सर्विस की इस जवाबी फायरिंग में संदिग्ध शूटर को कई गोलियां लगीं, जिसके बाद उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इस भीषण गोलीबारी की चपेट में आने से वहां से गुजर रहा एक बेकसूर राहगीर भी गंभीर रूप से घायल हो गया है, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। राहत की बात यह है कि इस मुठभेड़ में किसी भी सीक्रेट सर्विस एजेंट के घायल होने की खबर नहीं है। जांचकर्ताओं ने मौके से संदिग्ध की पिस्तौल बरामद कर ली है।
ओवल ऑफिस में मौजूद थे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, बाल-बाल बचे
इस खतरनाक हमले के समय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस के अंदर ओवल ऑफिस में ही मौजूद थे। वह उस समय सऊदी अरब, यूएई और कतर सहित कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों के साथ ईरान समझौते को लेकर बेहद महत्वपूर्ण फोन कॉल पर चर्चा कर रहे थे। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि राष्ट्रपति और उनका परिवार पूरी तरह सुरक्षित है।
फायरिंग शुरू होते ही सुरक्षाबलों ने पूरे व्हाइट हाउस परिसर को तुरंत कड़े लॉकडाउन में डाल दिया। नॉर्थ लॉन में रिपोर्टिंग कर रहे पत्रकारों और मीडियाकर्मियों को दौड़ाकर प्रेस ब्रीफिंग रूम के अंदर सुरक्षित भेजा गया। सुरक्षा एजेंसियों ने चारों तरफ का घेरा मजबूत कर इमारतों की छतों पर अत्याधुनिक हथियारों से लैस काउंटर-स्नाइपर्स को तैनात कर दिया था।
एफबीआई ने संभाली जांच की कमान, सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी
हमले के करीब 40 मिनट बाद स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में होने पर लॉकडाउन को हटा लिया गया। फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) के निदेशक कश पटेल ने सोशल मीडिया पर इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि एफबीआई की टीमें मौके पर पहुंच चुकी हैं और वे इस पूरे मामले की जांच में सीक्रेट सर्विस की पूरी मदद कर रही हैं।
यह घटना पिछले कुछ महीनों में राष्ट्रपति ट्रंप को निशाना बनाकर किए गए सुरक्षा उल्लंघनों की कड़ी में नवीनतम है। इससे पहले 25 अप्रैल को भी वाशिंगटन के एक होटल में मीडिया गाला के दौरान उन पर हमले की कोशिश की गई थी। इस नए हमले के बाद पूरे वाशिंगटन डीसी और व्हाइट हाउस के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को और ज्यादा कड़ा कर दिया गया है।
Author: Pallavi Sharma


