Sirmaur News: हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर में मानसून ने अपने कड़े तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। जिले में वीरवार सुबह से शुरू हुई भारी बारिश देर शाम तक लगातार जारी रही। इस मूसलाधार बारिश के कारण आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है और लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
कालाअंब औद्योगिक क्षेत्र की मुख्य सड़क बनी तालाब
भारी बारिश के कारण प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब से त्रिलोकपुर जाने वाली मुख्य सड़क पूरी तरह तालाब में तब्दील हो गई। सड़क किनारे बनी नालियां बंद होने से वहां दो से तीन फीट तक पानी जमा हो गया। इस जलभराव के कारण रुचिरा फैक्ट्री के गेट नंबर तीन के पास वाहनों का लंबा जाम लग गया।
स्थानीय उद्योगपतियों ने जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग को इस समस्या के बारे में पहले भी कई बार ज्ञापन सौंपे थे। अधिकारियों की लापरवाही के कारण अब फैक्ट्री मजदूरों, स्थानीय व्यापारियों और महामाया बाला सुंदरी मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं को इस भयंकर जाम और जलभराव की समस्या से जूझना पड़ रहा है।
बारिश से 34 सड़कें बंद और लाखों का नुकसान
लोक निर्माण विभाग के अनुसार भारी बारिश और भूस्खलन के कारण जिले की करीब 34 मुख्य सड़कें यातायात के लिए पूरी तरह बंद हो गई हैं। इनमें शिलाई उपमंडल की 21, संगड़ाह की आठ, नाहन की चार और राजगढ़ की एक सड़क शामिल है। इस कारण विभाग को करीब 87 लाख रुपये का भारी नुकसान हुआ है।
बिजली विभाग के पांवटा साहिब मंडल में भी बारिश ने भारी तबाही मचाई है, जहां करीब 63 बिजली ट्रांसफार्मर पूरी तरह ठप हो गए। तकनीकी टीमें दिनभर इन डैमेज ट्रांसफार्मरों को बदलने और मरम्मत के कार्य में जुटी रहीं। इसके अलावा शिलाई क्षेत्र में पहाड़ी से पैर फिसलने के कारण एक बैल की मौत भी हो गई।
सूख रही फसलों के लिए संजीवनी बनी बारिश
दूसरी तरफ कई दिनों के सूखे के बाद हुई यह बारिश क्षेत्र की नकदी फसलों के लिए संजीवनी बनकर आई है। सिरमौर के पच्छाद उपमंडल, नाहन और पांवटा साहिब में धान की पनिरी कई दिनों से तैयार खड़ी थी। इस बारिश के बाद खुश नजर आ रहे स्थानीय किसानों ने खेतों में धान की रोपाई का काम भी तेजी से शुरू कर दिया है।

