Delhi News: क्या आपके साथ भी ऐसा हुआ है कि आपने किसी प्रोडक्ट के बारे में बात की और तुरंत उसका विज्ञापन आपके फोन पर आ गया? दुनिया भर के करोड़ों स्मार्टफोन यूजर्स अक्सर इस अजीब अनुभव से गुजरते हैं। लोग सोचते हैं कि क्या उनका फोन उनकी बातें सुन रहा है। एक्सपर्ट्स और टेक कंपनियों ने अब इसके पीछे का असली सच उजागर कर दिया है।
मेटा और गूगल जैसी बड़ी तकनीकी कंपनियों के अनुसार, स्मार्टफोन विज्ञापन दिखाने के लिए आपकी निजी बातचीत नहीं सुनते हैं। मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने भी अमेरिकी कांग्रेस के सामने इस बात की पुष्टि की थी। गूगल का कहना है कि उसका वॉयस असिस्टेंट केवल वेक वर्ड्स (Wake Words) को पहचानने के लिए ही एक्टिव रहता है।
एक बड़े वैज्ञानिक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने 17,000 से अधिक एंड्रॉइड ऐप्स की गहन जांच की। इस शोध में ऐसा कोई सबूत नहीं मिला जो यह साबित करे कि ऐप्स आपकी बातें रिकॉर्ड कर रहे हैं। यानी यह थ्योरी पूरी तरह से गलत है कि फोन चोरी-छिपे आपकी बातें सुनकर आपको विज्ञापन दिखाता है।
फिर इतने सटीक विज्ञापन कैसे आते हैं?
असल में आपके स्मार्टफोन को विज्ञापन दिखाने के लिए आपकी आवाज रिकॉर्ड करने की बिल्कुल जरूरत नहीं पड़ती। आज के आधुनिक एल्गोरिदम आपके डिजिटल व्यवहार का अनुमान लगाने में बेहद एडवांस हो चुके हैं। आपकी लोकेशन, सर्च हिस्ट्री और स्क्रॉलिंग पैटर्न से कंपनियां यह जान लेती हैं कि आपको इस समय क्या पसंद है।
अगर आपके किसी दोस्त ने कोई प्रोडक्ट खरीदा है या सर्च किया है, तो एल्गोरिदम आपके और उसके कनेक्शन को समझ लेता है। यही वजह है कि आपको वही विज्ञापन दिखने लगते हैं। यह सब आपकी ऑनलाइन गतिविधियों और डेटा ट्रैकिंग का खेल है, जिसे कंपनियां बहुत ही चतुराई से इस्तेमाल करती हैं।
iPhone यूजर्स तुरंत बदलें ये सेटिंग्स
अगर आप आईफोन (iPhone) इस्तेमाल करते हैं, तो अपनी प्राइवेसी को मजबूत करने के लिए तुरंत सेटिंग्स में जाएं। वहां Privacy & Security सेक्शन खोलकर Microphone विकल्प पर टैप करें। अब उन सभी ऐप्स की लिस्ट देखें जिन्हें माइक्रोफोन की अनुमति मिली हुई है और अनावश्यक ऐप्स की परमिशन तुरंत बंद कर दें।
इसके अलावा आप Settings में Siri & Search सेक्शन में जाकर “Listen for Hey Siri” को भी बंद कर सकते हैं। ट्रैकिंग रोकने के लिए Settings > Privacy & Security > Tracking में जाएं। यहां “Allow Apps to Request to Track” के विकल्प को बंद कर दें, जिससे कंपनियां आपको ट्रैक नहीं कर पाएंगी।
Android यूजर्स के लिए जरूरी टिप्स
एंड्रॉइड (Android) स्मार्टफोन यूजर्स सबसे पहले अपने फोन की Settings खोलकर Privacy सेक्शन में जाएं। इसके बाद Permission Manager में जाकर Microphone का विकल्प चुनें। यहां आपको उन ऐप्स की लिस्ट मिलेगी जो माइक्रोफोन एक्सेस कर रहे हैं, जिनकी जरूरत न हो उनकी अनुमति तुरंत हटा दें।
डेटा ट्रैकिंग और विज्ञापनों को पूरी तरह कम करने के लिए एक और अहम सेटिंग बदलें। एंड्रॉइड सेटिंग्स में Google > Ads सेक्शन में जाएं। यहां जाकर अपनी Advertising ID को हमेशा के लिए डिलीट कर दें। इससे कंपनियों के लिए आपकी एक्टिविटी के आधार पर विज्ञापन दिखाना बेहद मुश्किल हो जाएगा।
Author: Mohit


