Uttarakhand News: ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंगलवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा होने से हड़कंप मच गया। देवप्रयाग थाना क्षेत्र के अंतर्गत तोताघाटी के पास एक अनियंत्रित कार सीधे 400 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीआरएफ (SDRF) व्यासी की टीमों ने मौके पर पहुँचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। खाई की गहराई अधिक होने के कारण जवानों को वाहन तक पहुँचने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। कार में दिल्ली के रहने वाले दो लोग सवार थे।
खाई में तड़पता मिला घायल युवक
रेस्क्यू टीम जब गहरी खाई में दुर्घटनाग्रस्त वाहन के पास पहुँची, तो वहाँ एक युवक लहूलुहान हालत में मिला। घायल युवक की पहचान अनीश (22) पुत्र संदीप के रूप में हुई है, जो दिल्ली का निवासी है। अनीश ने बचाव दल को बताया कि वाहन में उसके साथ एक युवती भी सवार थी। टीम ने तुरंत घायल अनीश को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल भेजने की प्रक्रिया शुरू की। उसकी हालत फिलहाल गंभीर बनी हुई है और उसे उपचार दिया जा रहा है।
युवती की तलाश में सघन रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे के बाद से कार में सवार युवती सोहनी (20) का कोई सुराग नहीं मिल पा रहा है। एसडीआरएफ और स्थानीय पुलिस की टीमें तोताघाटी के ढलानों और खाई के चप्पे-चप्पे में युवती की तलाश कर रही हैं। यह अंदेशा जताया जा रहा है कि वाहन गिरते समय युवती कार से बाहर छिटक गई होगी। खराब भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद बचाव कर्मी लगातार युवती को खोजने में जुटे हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि तलाशी अभियान अभी भी जारी है।
दिल्ली की नंबर प्लेट वाली कार दुर्घटनाग्रस्त
हादसे का शिकार हुई कार का नंबर डीएल 11 सीडी 3154 है, जो दिल्ली में पंजीकृत है। प्रारंभिक जांच में ऐसा प्रतीत होता है कि चालक ने पहाड़ी मोड़ पर वाहन से नियंत्रण खो दिया था। तोताघाटी का यह हिस्सा बेहद संकरा और खतरनाक मोड़ों के लिए जाना जाता है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि हादसा वाहन की तकनीकी खराबी के कारण हुआ या चालक की थकान इसकी वजह थी।
पहाड़ी रास्तों पर बढ़ रहा हादसों का ग्राफ
बदरीनाथ हाईवे पर पिछले कुछ समय से सड़क दुर्घटनाओं के मामले तेजी से बढ़े हैं। तोताघाटी जैसे संवेदनशील इलाकों में सफर करना यात्रियों के लिए चुनौती बना हुआ है। पुलिस ने यात्रियों से अपील की है कि वे पहाड़ी रास्तों पर रात या सुबह के समय बेहद सावधानी से वाहन चलाएं। प्रशासन अब इस दुर्घटना संभावित क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने पर विचार कर रहा है। घायल युवक के परिजनों को हादसे की सूचना दे दी गई है।
चुनौतियों से भरा है बचाव कार्य
तोताघाटी की खड़ी पहाड़ियों के बीच रेस्क्यू ऑपरेशन चलाना बेहद जोखिम भरा काम है। एसडीआरएफ व्यासी के जवानों ने रस्सियों के सहारे 400 मीटर नीचे उतरकर राहत कार्य को अंजाम दिया है। युवती की तलाश के लिए अतिरिक्त टीमों को भी मौके पर बुलाया जा सकता है। पुलिस का कहना है कि उनकी प्राथमिकता जल्द से जल्द लापता युवती को ढूँढना और घायल को बेहतर चिकित्सा उपलब्ध कराना है। इस घटना ने एक बार फिर चारधाम यात्रा मार्ग पर सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है।


