Uttarakhand News: उत्तराखंड के सीमांत जनपद पिथौरागढ़ को अब सीधी हवाई कनेक्टिविटी मिल गई है। गुरुवार को जौलीग्रांट एयरपोर्ट से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून-पिथौरागढ़-देहरादून विमान सेवा का शुभारंभ किया। यह सेवा एलाइंस एयर द्वारा 42 सीटर विमान से संचालित की जाएगी। इस उड़ान से दोनों शहरों के बीच का सफर अब महज एक घंटे में पूरा होगा।
UDAN योजना से संभव हुई सस्ती हवाई यात्रा
मुख्यमंत्रीपुष्कर सिंह धामी ने इस उपलब्धि को राज्य के लिए अहम बताया। उन्होंने कहा कि एक समय था जब हवाई यात्रा केवल संपन्न वर्ग तक सीमित थी, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और 2016 में शुरू की गई उड़ान योजना ने छोटे शहरों और दूरस्थ क्षेत्रों को हवाई नेटवर्क से जोड़ा है। यह सेवा सामरिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है।
उड़ान 2.0 से और बढ़ेगी कनेक्टिविटी
मुख्यमंत्रीने बताया कि केंद्र सरकार ने हाल ही में उड़ान योजना 2.0 को मंजूरी दी है। इसके तहत अगले 10 वर्षों में 29 हजार करोड़ रुपये खर्च कर 100 नए हवाई अड्डे और 200 हेलीपैड विकसित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य टियर-2 और टियर-3 शहरों के साथ-साथ पहाड़ी और दूरस्थ क्षेत्रों में हवाई संपर्क को मजबूत करना है।
पर्वतीय राज्य के लिए जीवन रेखा
धामीने कहा कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में हवाई सेवाएं केवल परिवहन का साधन नहीं, बल्कि जीवन रेखा बन चुकी हैं। आपदा या आपात स्थिति में राहत सामग्री पहुंचाने और गंभीर मरीजों को बड़े अस्पतालों तक लाने में इनकी अहम भूमिका है। वर्तमान में राज्य में उड़ान योजना के तहत 26 हवाई मार्ग संचालित हो रहे हैं। बीते चार वर्षों में हेलिपोर्ट की संख्या 2 से बढ़कर 12 और हेलीपैड 60 से बढ़कर 118 हो गई है।
पिथौरागढ़ को मिलेगा आर्थिक लाभ
मुख्यमंत्रीने कहा कि इस हवाई सेवा से पिथौरागढ़ के लोगों को लंबी और कठिन सड़क यात्रा से राहत मिलेगी। बेहतर कनेक्टिविटी से पर्यटन, व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। पिथौरागढ़ हवाई अड्डे को करीब 450 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जा रहा है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने वीडियो संदेश के माध्यम से इस सेवा की शुरुआत पर शुभकामनाएं दीं। नई हवाई सेवा से उत्तराखंड के दूरस्थ क्षेत्रों को जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ा है।


