शहीद देशराज की अंतिम विदाई: गुवाहाटी से दिल्ली पहुँचा पार्थिव शरीर, काचरेडा गाँव में आज राजकीय सम्मान के साथ अंत्येष्टि

Rajasthan News: देश की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवान देशराज का पार्थिव शरीर सोमवार को विशेष विमान से गुवाहाटी से दिल्ली लाया गया। पालम हवाई अड्डे पर शहीद के पहुँचते ही वहाँ मौजूद सैन्य अधिकारियों और परिजनों की आँखें नम हो गईं। पूरा माहौल बेहद गमगीन और भावुक नजर आया। शहीद के सम्मान में सभी सैन्य प्रोटोकॉल का पालन करते हुए आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की गईं। परिजनों ने नम आँखों से अपने लाड़ले को श्रद्धांजलि अर्पित की।

काचरेडा गाँव में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार

शहीद देशराज के पैतृक गाँव काचरेडा में आज उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। गाँव और आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई है। लोग अपने वीर सपूत के अंतिम दर्शन के लिए उमड़ रहे हैं। पूरे सैन्य प्रोटोकॉल के तहत शहीद को अंतिम विदाई दी जाएगी। प्रशासन ने गाँव में भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। हर तरफ देशभक्ति का माहौल नजर आ रहा है।

श्रद्धांजलि देने उमड़ा जनसैलाब

सैन्य अधिकारियों और प्रशासनिक अमले ने शहीद देशराज को भावभीनी विदाई देने के लिए विशेष तैयारियाँ की हैं। शहीद के पार्थिव शरीर के गाँव पहुँचने से पहले ही ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, लेकिन अपने बेटे की शहादत पर उन्हें गहरा गर्व भी है। ग्रामीणों का कहना है कि देशराज ने वतन के लिए जान देकर गाँव का नाम रोशन किया है। पूरा क्षेत्र आज अपने नायक को सलाम कर रहा है।

गार्ड ऑफ ऑनर से दी जाएगी विदाई

अंतिम संस्कार के दौरान भारतीय सेना के जवानों द्वारा शहीद देशराज को ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया जाएगा। राजकीय सम्मान के साथ उन्हें पंचतत्व में विलीन किया जाएगा। इस ऐतिहासिक और भावुक क्षण के साक्षी बनने के लिए कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी भी पहुँच रहे हैं। प्रशासन ने यातायात व्यवस्था और सुरक्षा को अंतिम रूप दे दिया है। शहीद की अंतिम यात्रा में हजारों लोगों के शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है।

शहादत पर पूरे क्षेत्र को है गर्व

शहीद देशराज का सर्वोच्च बलिदान युवाओं के लिए प्रेरणा बन गया है। गाँव के बुजुर्गों का कहना है कि देशराज शुरू से ही साहसी और देशभक्त थे। उनकी शहादत ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे राज्य को गौरवान्वित किया है। गाँव की गलियों में ‘भारत माता की जय’ और ‘शहीद देशराज अमर रहे’ के नारे गूँज रहे हैं। यह विदाई भले ही दुखद है, लेकिन सम्मान और गर्व के साथ उनका अंतिम संस्कार संपन्न होगा।

देशभक्ति के नारों से गूँजा आसमान

पार्थिव शरीर के पहुँचते ही पूरा आसमान देशभक्ति के नारों से गूँज उठा। शहीद के गाँव में अंतिम दर्शन के लिए एक विशेष मंच तैयार किया गया है। लोग फूलों की वर्षा कर अपने वीर योद्धा को नमन कर रहे हैं। सैन्य अधिकारियों ने बताया कि देशराज एक कर्तव्यनिष्ठ सैनिक थे जिन्होंने हमेशा फर्ज को ऊपर रखा। उनके बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। आज का दिन काचरेडा गाँव के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में दर्ज होगा।

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