पंजाब सरकार का यू-टर्न: 1000 से ज्यादा कर्मचारियों की सैलरी पर आया बड़ा फैसला, अब नहीं रुकेंगे पैसे!

Punjab News: पंजाब के शिक्षा विभाग ने समग्र शिक्षा अभियान के तहत हाल ही में रेगुलर हुए 1007 नॉन-टीचिंग कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। विभाग ने अपने पूर्व के फैसले को पलटते हुए कर्मचारियों की पुरानी आईएचआरएमएस (iHRMS) और ई-पंजाब आईडी को बरकरार रखने का निर्णय लिया है। इस प्रशासनिक बदलाव के बाद अब इन कर्मियों के वेतन भुगतान का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। पहले नई आईडी बनाने की प्रक्रिया के कारण वेतन में देरी की आशंका जताई जा रही थी।

वेतन प्रक्रिया में नहीं होगी देरी: पुरानी आईडी ही रहेगी मान्य

शिक्षा निदेशालय (सेकेंडरी) ने पहले इन कर्मचारियों के लिए नई आईडी बनाने के निर्देश दिए थे। इससे प्रशासनिक स्तर पर भ्रम की स्थिति पैदा हो गई थी। कर्मचारियों को डर था कि नई आईडी अलॉट होने तक उनका वेतन अटक सकता है। अब विभाग ने स्पष्ट किया है कि पुरानी आईडी को ही ‘रिटेन’ किया जाएगा। इससे एनपीएस और पीआरएएन (PRAN) नंबर अलॉट करने की प्रक्रिया तेज होगी। यह कदम कर्मचारियों की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

बदले में देनी होगी अंडरटेकिंग: कर्मचारियों के सामने रखी गई कड़ी शर्त

इस सुविधा के लाभ के साथ विभाग ने एक अनिवार्य शर्त भी जोड़ी है। सभी संबंधित कर्मचारियों को एक स्व-घोषणा पत्र यानी अंडरटेकिंग देना होगा। इसमें उन्हें यह स्पष्ट करना होगा कि वे पुरानी आईडी का उपयोग केवल वेतन निकासी के लिए कर रहे हैं। साथ ही, वे भविष्य में अपनी पुरानी कान्ट्रैक्ट सेवा के आधार पर किसी भी अतिरिक्त लाभ या वरिष्ठता का दावा नहीं करेंगे। इसके अलावा, कर्मचारियों को इस मुद्दे पर कानूनी कार्रवाई न करने का वचन भी देना होगा।

शिक्षा निदेशक के सख्त निर्देश: डीईओ और प्रिंसिपल को समय पर काम पूरा करने के आदेश

शिक्षा निदेशक (सेकेंडरी) ने राज्य के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और स्कूल प्रिंसिपलों को इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। आदेश में कहा गया है कि रेगुलर हुए कर्मचारियों की जॉइनिंग और सैलरी जारी करने में कोई कोताही न बरती जाए। अधिकारियों को सभी औपचारिकताएं समयबद्ध तरीके से पूरी करने को कहा गया है। विभाग का प्रयास है कि नई व्यवस्था पूरी पारदर्शिता के साथ लागू हो। इस फैसले से कर्मचारियों में संतोष का माहौल देखा जा रहा है।

प्रशासनिक जटिलता हुई खत्म: कर्मचारियों को मिली बड़ी आर्थिक राहत

विभाग के इस यू-टर्न से न केवल कर्मचारियों को मानसिक सुकून मिला है, बल्कि जटिल प्रक्रिया भी सरल हो गई है। पहले नई आईडी बनाने में लंबा समय लगने की उम्मीद थी, जिससे वेतन पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे थे। अब पुरानी आईडी के इस्तेमाल से डेटा ट्रांसफर और बैंक संबंधी कार्यों में तेजी आएगी। कर्मचारी संगठनों ने सरकार के इस कदम का स्वागत किया है। अब सबकी निगाहें जमीनी स्तर पर इसके त्वरित कार्यान्वयन पर टिकी हैं।

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