जबलपुर हादसे के बाद रांची प्रशासन का सख्त फैसला: जलाशयों में सुरक्षा के लिए बनेगा ‘वाटर ट्रांसपोर्ट एक्शन ग्रुप’

Jharkhand News: मध्य प्रदेश के जबलपुर में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे के बाद रांची जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने जिले के सभी डैम और जलाशयों में पर्यटकों की सुरक्षा के लिए उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। प्रशासन का मुख्य लक्ष्य भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना को रोकना और जल-क्रीड़ा गतिविधियों को व्यवस्थित करना है। इस दिशा में एक ‘वाटर ट्रांसपोर्ट एक्शन ग्रुप’ का गठन किया जा रहा है, जो आपातकालीन स्थितियों में त्वरित और प्रभावी ढंग से काम करेगा।

सुरक्षा मानकों पर प्रशासन का कड़ा रुख

उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा मानकों के उल्लंघन को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैठक में यह तय किया गया कि पर्यटकों का विश्वास जीतने के लिए ‘शून्य दुर्घटना’ (Zero Accident) का लक्ष्य अनिवार्य है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सभी बोटिंग स्थलों पर आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर वाले सूचना पट्ट लगाए जाएंगे। इससे न केवल पर्यटकों को सही जानकारी मिलेगी, बल्कि किसी भी खतरे के दौरान वे तत्काल सहायता प्राप्त कर सकेंगे। प्रशासन पर्यटन विकास के साथ-साथ मानव जीवन की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है।

बोटिंग के लिए अनिवार्य हुए लाइफ जैकेट और फिटनेस

अब रांची के किसी भी जलाशय में बोटिंग करने के लिए लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य होगा। यदि कोई संचालक बिना जैकेट के यात्रियों को नाव पर ले जाता है, तो उस पर भारी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, सभी नावों के लिए वैध फिटनेस प्रमाण-पत्र होना आवश्यक है। बिना फिटनेस सर्टिफिकेट वाली नावों के संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पुरानी या असुरक्षित नावों को पर्यटकों के लिए उपयोग करने की अनुमति कतई नहीं दी जाएगी।

नशापान और स्टंटबाजी पर सख्त पाबंदी

पर्यटन क्षेत्रों में अनुशासन बनाए रखने के लिए बोटिंग स्थलों पर नशापान को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। नशे की हालत में बोटिंग करना या कराना अब कानूनी अपराध माना जाएगा। इसके साथ ही, नावों की गति सीमा निर्धारित कर दी गई है और किसी भी प्रकार की स्टंटबाजी या खतरनाक पैंतरेबाजी पर रोक लगा दी गई है। प्रतिकूल मौसम या तेज हवाओं के दौरान बोटिंग गतिविधियों को तत्काल रोकने का निर्देश भी जारी किया गया है, ताकि प्राकृतिक आपदाओं से बचा जा सके।

अभिभावकों की जिम्मेदारी और प्रशासन की अपील

प्रशासन ने विशेष रूप से बच्चों के साथ यात्रा करने वाले परिवारों से सहयोग की अपील की है। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि बच्चों को लाइफ जैकेट पहनाना और उसकी बेल्ट को ठीक से कसना अभिभावकों की प्राथमिक जिम्मेदारी होगी। बच्चों की सुरक्षा को लेकर कोई भी लापरवाही घातक सिद्ध हो सकती है। बैठक में पुलिस और परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। सभी संबंधित अधिकारियों को इन दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन कराने और नियमित रूप से जलाशयों का निरीक्षण करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

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