Himachal Pradesh News: भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने अब पंजाब के चक्की से हिमाचल के भरमौर तक के सफर को बदलने की तैयारी कर ली है। प्राधिकरण ने 172 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग-154 को औपचारिक रूप से अपने नियंत्रण में ले लिया है। इस महत्वपूर्ण मार्ग के आने से चंबा और भरमौर की कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी सुधार होगा। अब लोक निर्माण विभाग के बजाय एनएचएआई इस सड़क के रखरखाव और विकास की पूरी जिम्मेदारी निभाएगा।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। यह राजमार्ग पंजाब में चक्की धार से शुरू होकर बनीखेत और चंबा को जोड़ते हुए भरमौर तक जाता है। सड़क का 122 किलोमीटर हिस्सा पहले ही डबल लेन बनाया जा चुका है। अब एनएचएआई शेष बचे 50 किलोमीटर हिस्से को भी डबल लेन करने का काम शुरू करेगा। इससे पंजाब और हिमाचल के बीच वाहनों की आवाजाही पहले से काफी सुगम हो जाएगी।
दाड़लाघाट-शिमला मार्ग अब हिमाचल सरकार के पास
एक अन्य बड़े फैसले में एनएचएआई ने एनएच-205 के दाड़लाघाट से शिमला तक का हिस्सा प्रदेश सरकार को सौंप दिया है। करीब 48 किलोमीटर लंबी इस सड़क की जिम्मेदारी अब लोक निर्माण विभाग की एनएच विंग संभालेगी। केंद्र सरकार ने इस मार्ग की मरम्मत के लिए 34 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। वर्तमान में विभाग इस राशि से सड़क सुधार का काम कर रहा है। शालाघाट से शिमला के बीच नए फोरलेन का निर्माण भी जल्द शुरू होगा।
हिमाचल के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने इस बदलाव पर अहम जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि सड़कों के रखरखाव का खर्च लगातार बढ़ रहा है। राज्य सरकार के सीमित संसाधनों से एनएच की मरम्मत करना काफी कठिन होता जा रहा था। इसी चुनौती को देखते हुए केंद्र सरकार से अग्रिम बजट की मांग की गई थी। बजट मिलने के बाद अब एनएच-205 की मरम्मत का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
सड़कों के इस नए नेटवर्क और डबल लेनिंग कार्य से पहाड़ी क्षेत्रों में यातायात सुरक्षित बनेगा। डबल लेन होने से न केवल सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी, बल्कि गंतव्य तक पहुंचने में समय भी कम लगेगा। इससे स्थानीय पर्यटन और व्यापार को भी काफी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। सरकार का मुख्य लक्ष्य दुर्गम इलाकों तक बेहतर सड़क सुविधाएं पहुंचाना है। चक्की से भरमौर मार्ग का पूरा होना चंबा जिले के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा।


