Himachal Pradesh News: बाहरी हिमालय की सबसे ऊंची चोटी चूड़धार धाम में ईमानदारी की एक अद्भुत मिसाल सामने आई है। यहां मंदिर के मुख्य सेवादार और शिरगुल महाराज के पुजारी पंडित दीप राम शर्मा ने श्रद्धालुओं का दिल जीत लिया। उन्होंने सोने के कीमती आभूषणों और नकदी से भरा एक लावारिस पर्स उसके असली मालिक तक पहुंचाया है।
लाखों के सोने के आभूषणों से भरा मिला पर्स
शनिवार को समुद्र तल से 11,965 फीट की ऊंचाई पर स्थित मंदिर परिसर के पास एक लावारिस पर्स मिला था। इस बैग के भीतर सोने की कई अंगूठियां, मंगलसूत्र, पेंडेंट-लॉकेट और 7,910 रुपये की नकदी मौजूद थी। पर्स में मालिक की पहचान से जुड़ा कोई भी दस्तावेज या जरूरी कागज नहीं मिलने से बड़ी चुनौती खड़ी हो गई थी।
इस कीमती पर्स के मिलने की सूचना जैसे ही पहाड़ी पर फैली, कई लोग इस पर अपना दावा जताने पहुंच गए। हालांकि, सिरमौरी पुजारी अपने सिद्धांतों पर पूरी तरह अडिग रहे। उन्होंने साफ कर दिया कि जब तक कोई आभूषणों का सटीक विवरण नहीं देगा, तब तक वह इस अमानत को किसी को नहीं सौंपेंगे।
फेसबुक वीडियो से मिला खोए हुए पर्स का सुराग
मामले की गंभीरता को देखते हुए चूड़धार मंदिर समिति के प्रबंधक श्याम लाल शर्मा ने सोशल मीडिया का सहारा लिया। उन्होंने फेसबुक पर एक वीडियो जारी कर पर्स मिलने की जानकारी दी। इस डिजिटल प्रयास की मदद से सोमवार को आखिरकार उत्तराखंड के विकासनगर की रहने वाली असली मालकिन रीना शर्मा से संपर्क हो गया।
पीड़ित महिला रीना शर्मा आभूषण खोने के बाद गहरे सदमे में थीं। उन्हें पूरी उम्मीद थी कि अब उनका कीमती सामान कभी वापस नहीं मिलेगा। जब उन्हें पर्स सुरक्षित होने की कॉल आई, तो वह बेहद भावुक हो गईं। उन्होंने सामान लेने के लिए अपने रिश्तेदार ऋतिक शर्मा को तुरंत हिमाचल प्रदेश भेजा।
मंगलवार को चुड़ेश्वर सेवा समिति के सदस्यों की मौजूदगी में ऋतिक शर्मा को पूरा सामान सुरक्षित सौंप दिया गया। मूल रूप से सिरमौर के नाया गांव निवासी पंडित दीप राम शर्मा पिछले 25 वर्षों से यहां सेवा कर रहे हैं। उनकी इस ईमानदारी ने साबित किया कि आज भी समाज में इंसानियत पूरी तरह जिंदा है।
Author: Sunita Gupta

