Himachal Pradesh News: भारतीय डाक विभाग ने हिमाचल प्रदेश के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों के लिए एक क्रांतिकारी शुरुआत की है। मंडी जिले में पहली बार ड्रोन टेक्नोलॉजी के जरिए डाक पहुंचाने का सफल ट्रायल किया गया है। इस आधुनिक पायलट प्रोजेक्ट के तहत ड्रोन ने बेहद कठिन रास्तों पर उड़ते हुए एक नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है।
भारतीय डाक विभाग और स्काई एयर का ऐतिहासिक संयुक्त प्रयास
यह अभूतपूर्व तकनीक भारतीय डाक विभाग और निजी ड्रोन कंपनी स्काई एयर के साझा सहयोग से शुरू हुई है। शुक्रवार को हुए इस खास परीक्षण में ड्रोन ने मंडी मुख्य पोस्ट ऑफिस से उड़ान भरी। इसके बाद ड्रोन द्रंग क्षेत्र के रेहड़धार शाखा पोस्ट ऑफिस तक चिट्ठियां लेकर सफलता से पहुंचा।
ड्रोन सिर्फ डिलीवरी करके ही नहीं रुका, बल्कि वहां से दिनभर की वापसी वाली डाक लेकर सुरक्षित वापस भी आ गया। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान सिस्टम ने बेहद शानदार काम किया। मंडी डाक विभाग के डिप्टी सुपरिटेंडेंट संजय कुमार ने बताया कि इस आधुनिक पहल से समय की बड़ी बचत होगी।
पहाड़ी रास्तों की कई घंटों की दूरी महज 6 मिनट में तय
इस रोबोटिक मशीन ने करीब 12 किलोमीटर के इस दुर्गम पहाड़ी रास्ते को सिर्फ 6 मिनट में पूरा कर लिया। सामान्य तौर पर गाड़ी या सड़क मार्ग से इस इलाके तक डाक पहुंचाने में कई घंटे या पूरा दिन लग जाता था। यह तकनीक डाक सिस्टम में बड़ा गेम चेंजर साबित होने वाली है।
इस खास काम में इस्तेमाल हो रहा ड्रोन 10 किलोग्राम तक का भारी सामान उठाने की पूरी क्षमता रखता है। इसके साथ ही यह एक बार चार्ज होने पर 30 से 50 किलोमीटर तक का लंबा सफर बहुत ही आसानी से तय कर सकता है। इससे सुदूर गांवों का संपर्क बेहद मजबूत होगा।
मंडी के 10 सुदूर पहाड़ी क्षेत्रों को मिलेगी यह आधुनिक सेवा
अधिकारियों के अनुसार पहाड़ी राज्यों में डाक पहुंचाना हमेशा से समय और पहुंच के लिहाज से एक कठिन चुनौती रहा है। अब स्काई एयर कंपनी के सहयोग से देश के लगभग 150 अलग-अलग स्थानों पर यह सर्विस चल रही है। मंडी जिले के 10 इलाकों को फिलहाल इस लिस्ट से जोड़ा गया है।
वर्तमान समय में इस पूरे प्रोजेक्ट को संभालने के लिए कंपनी के 8 एडवांस ड्रोन लगातार अपनी सेवाएं दे रहे हैं। बर्फबारी और भारी बारिश के मौसम में जब सड़कों पर गाड़ियों की आवाजाही बंद हो जाती है, तब यह हवाई सेवा जरूरी सरकारी कागजात और छोटे पार्सल पहुंचाएगी।
देश के अन्य राज्यों में भी पहले हो चुके हैं सफल परीक्षण
भारत में हवाई तकनीक से सामान भेजने का यह कोई पहला मामला नहीं है, बल्कि इससे पहले भी प्रयोग हो चुके हैं। महाराष्ट्र के माथेरान-कर्जत के घने जंगलों में ड्रोन से डाक भेजी गई थी। वहीं गुजरात के कच्छ में ड्रोन ने आधे घंटे से कम में 46 किलोमीटर की दूरी तय की थी।
Reported By: Sunita Gupta


