Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश में पिछले पांच सालों के दौरान संक्रामक रोगों के फैलाव पर एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। स्वास्थ्य शिक्षा निदेशालय के सामुदायिक चिकित्सा विभाग के शोध में सामने आया है कि राज्य में डायरिया और हेपेटाइटिस-ए सबसे बड़ी स्वास्थ्य चुनौती बन चुके हैं।
शोधकर्ताओं ने साल 2021 से 2025 के बीच राज्य में फैली बीमारियों का गहरा विश्लेषण किया है। इस दौरान प्रदेश में कुल 34 बार गंभीर प्रकोप दर्ज किए गए। इन महामारियों की चपेट में आने से कुल 3,937 लोग बीमार हुए, जबकि दो मरीजों की जान चली गई।
इस सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक कुल 34 प्रकोपों में से 18 मामले अकेले खतरनाक डायरिया के थे। इसकी चपेट में 2,796 लोग आए, जो कुल मरीजों का 71 फीसदी है। वहीं हेपेटाइटिस-ए दूसरे नंबर पर रहा, जिसके आठ प्रकोपों में 702 लोग संक्रमित पाए गए।
साल 2024 में टूटा तबाही का रिकॉर्ड
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार डेंगू के मरीज कुल प्रभावितों का लगभग 9.6 प्रतिशत रहे। इसके अलावा हैंड फुट माउथ डिजीज और पीलिया के मामले थोड़े कम दर्ज किए गए। शोध में खुलासा हुआ है कि साल 2024 प्रदेश के लिए सबसे ज्यादा भयानक रहा था।
अकेले साल 2024 में ही संक्रमण के 17 बड़े प्रकोप दर्ज किए गए थे। यह पांच सालों के कुल मामलों का सीधे 50 प्रतिशत है। इसी एक साल में रिकॉर्ड 2,964 लोग बीमार पड़े थे। स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में दर्ज दोनों मौतें भी इसी दौरान हुईं।
इन तीन जिलों पर मंडराया सबसे बड़ा खतरा
जिलों के विश्लेषण में हमीरपुर, सोलन और मंडी सबसे ज्यादा संवेदनशील पाए गए हैं। इन तीन पहाड़ी जिलों में ही राज्य के कुल मामलों के 60 प्रतिशत से अधिक मरीज मिले। वैज्ञानिकों का कहना है कि भौगोलिक बनावट और जल स्रोतों की खराब स्थिति इसके मुख्य कारण हैं।
अध्ययन में यह भी साबित हुआ है कि अधिकांश बीमारियां मानसून के दौरान या उसके तुरंत बाद फैलीं। भारी बारिश के कारण पीने के पानी के स्रोत दूषित हो जाते हैं। इससे संक्रमण तेजी से फैलता है। राज्य में जून, अक्टूबर और नवंबर में सबसे ज्यादा मामले दिखे।
शिमला के सामुदायिक चिकित्सा विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. अमित सचदेवा की अगुवाई में यह शोध हुआ। इस टीम में शोधार्थी नवदीप कौशल, सचिन कुमार और अंजू सचदेवा शामिल रहे। विशेषज्ञों ने पानी की नियमित जांच और मजबूत निगरानी प्रणाली लागू करने की कड़ी चेतावनी दी है।
Author: Sunita Gupta



