Himachal Pradesh News: हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) में कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच विवाद काफी गहरा गया है। कर्मचारी संगठनों ने सरकार और मैनेजमेंट को चौबीस जून तक लंबित मांगों को पूरा करने का अल्टीमेटम दिया है। यदि निर्धारित समय में ठोस फैसला नहीं हुआ, तो पच्चीस जून से पूरे प्रदेश में बसों का चक्का जाम रहेगा।
तेईस जून को उप-मुख्यमंत्री के साथ होगी वार्ता
परिवहन ठप होने की चेतावनी के बीच तेईस जून को डिप्टी सीएम (Deputy CM) की अध्यक्षता में कर्मचारी संगठनों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। कर्मचारी नेता इस बातचीत को अंतिम और निर्णायक मान रहे हैं। एचआरटीसी चालक यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष मान सिंह ठाकुर ने कहा कि वे मीटिंग में अपना पक्ष रखेंगे।
यूनियन अध्यक्ष मान सिंह ठाकुर ने बताया कि उनका शिमला से चंबा ट्रांसफर कर दिया गया है। इसके बावजूद कर्मचारियों के हक की लड़ाई कमजोर नहीं होगी। उन्होंने कहा कि सालों से लंबित एरियर और भत्तों के न मिलने से ड्राइवरों और कंडक्टरों में भारी नाराजगी है। जमीनी स्तर पर समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है।
आंदोलन रोकने के लिए दबाव बनाने का आरोप
कर्मचारी नेताओं ने आरोप लगाया कि जायज मांगों को हल करने के बजाय यूनियन के पदाधिकारियों का तबादला करके उन पर दबाव बनाया जा रहा है। नाइट अलाउंस (Night Allowance), ओवरटाइम और मेडिकल बिलों के भुगतान के लिए कर्मचारी लगातार संघर्ष कर रहे हैं। अब सभी की नजरें तेईस जून की सरकारी वार्ता पर टिकी हैं।
एचआरटीसी कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
निगम के कर्मचारी अपनी वित्तीय देनदारियों को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। कर्मचारियों की मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
- रात्रि भत्ता (नाइट अलाउंस) और ओवरटाइम का पूरा भुगतान तुरंत किया जाए।
- कर्मचारियों और पेंशनर्स के मेडिकल बिलों की अदायगी समय पर हो।
- हर महीने की पहली तारीख को सैलरी बैंक अकाउंट में भेजी जाए।
- नए वेतनमान का बकाया एरियर और महंगाई भत्ता (DA) तुरंत मिले।


