Operation Delta: गुजरात में अवैध बांग्लादेशियों के खिलाफ पुलिस का महाअभियान, ‘ऑपरेशन डेल्टा’ से थर-थराए घुसपैठिए, 568 गिरफ्तार

Gujarat News: गुजरात पुलिस ने राज्य के विभिन्न शहरों में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ एक बहुत बड़ा और बेहद गोपनीय अभियान शुरू किया है। इस विशेष मुहिम को ‘ऑपरेशन डेल्टा’ (Operation Delta) नाम दिया गया है, जिसके तहत बड़े पैमाने पर धरपकड़ की जा रही है।

गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी खुद कर रहे हैं कड़े अभियान की निगरानी

गुजरात के गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी खुद इस पूरे ऑपरेशन की पल-पल की निगरानी कर रहे हैं। राज्य के गृह विभाग की यह मुस्तैदी रंग ला रही है। गांधीनगर स्थित ‘साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के आधुनिक सॉफ्टवेयर और अत्याधुनिक तकनीक की मदद से संदिग्धों की हर हरकत पर पैनी नजर रखी जा रही है।

पुलिस महानिदेशक (DGP) डॉ. के. लक्ष्मी नारायण राव ने इस पूरे मामले की आधिकारिक जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि गुजरात पुलिस की विभिन्न विंग्स इस ऑपरेशन पर लंबे समय से काम कर रही थीं। पुलिस की खुफिया टीमों ने राज्य के हर संदिग्ध इलाके में सघन चेकिंग अभियान चलाया हुआ है।

जानिए तकनीक के जरिए पुलिस ने कैसे की घुसपैठियों की पहचान?

महानिदेशक डॉ. राव के मुताबिक, गुजरात से बांग्लादेश में किए जाने वाले संदिग्ध मोबाइल कॉल्स की मदद से इन अवैध नागरिकों की पहचान मुमकिन हो सकी है। पुलिस लंबे समय से इन अंतरराष्ट्रीय कॉल्स की तकनीकी निगरानी कर रही थी, जिसके बाद संदिग्धों की लोकेशन ट्रेस की गई।

इन कॉल्स के तकनीकी विश्लेषण के आधार पर साइबर सेल ने एक विस्तृत डेटाबेस तैयार किया। इसी डेटा के जरिए गुजरात के अलग-अलग जिलों में छिपे बैठे बांग्लादेशी परिवारों की सटीक पहचान की गई। इसके बाद स्थानीय पुलिस थानों के साथ मिलकर एक साथ छापेमारी की कार्रवाई को अंजाम दिया गया।

अवैध रूप से रह रहे सैकड़ों लोगों को पुलिस ने दबोचा

गुजरात पुलिस द्वारा जारी किए गए ताजा आंकड़ों के अनुसार, ‘ऑपरेशन डेल्टा’ के तहत पुलिस ने अब तक राज्य के विभिन्न हिस्सों से कुल 568 अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक पकड़े गए इन लोगों में 282 महिलाएं और 114 बच्चे भी शामिल हैं।

साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस गांधीनगर के एसपी राजदीप सिंह झाला ने बताया कि घुसपैठियों को पकड़ने के लिए गुजरात पुलिस बेहद आधुनिक सर्विलांस तकनीक और ट्रैकिंग सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर रही है। पकड़े गए लोगों से कड़ाई से पूछताछ की जा रही है ताकि उनके स्थानीय मददगारों का भी पर्दाफाश किया जा सके।

Author: Smit Patel

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