New Delhi News: भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी के एक बेहद कड़े और ऐतिहासिक संदेश ने पड़ोसी देश पाकिस्तान के हुक्मरानों को हिलाकर रख दिया है। सेना प्रमुख ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी थी कि यदि इस्लामाबाद ने सीमा पार आतंकवाद को तुरंत बंद नहीं किया, तो उसे जल्द तय करना होगा कि वह विश्व के भूगोल का हिस्सा बना रहना चाहता है या इतिहास के पन्नों में दफन होना चाहता है। इस बयान से पूरी पाकिस्तानी सेना बौखला गई है।
एक परमाणु संपन्न मुल्क को धमकी देना रणनीतिक विवेक नहीं, पाक सेना ने अलापा पुराना राग
भारतीय थल सेनाध्यक्ष की इस सीधी और गंभीर चेतावनी पर अपनी तिलमिलाहट छिपाने के लिए पाकिस्तानी रक्षा मंत्रालय ने फौरन एक आधिकारिक बयान जारी किया है। पाक सैन्य प्रवक्ता ने पुरानी गीदड़ भभकी दोहराते हुए कहा कि एक संप्रभु परमाणु संपन्न देश को इस तरह सरेआम तबाह करने की धमकी देना कहीं से भी रणनीतिक विवेक नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत अपनी इस आक्रामक बयानबाजी से पूरे दक्षिण एशिया को एक विनाशकारी युद्ध की तरफ धकेल रहा है।
जनरल द्विवेदी के बयान को बताया मानसिक दिवालियापन, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का खौफनाक अंजाम भूला इस्लामाबाद
पाकिस्तानी सेना ने जनरल द्विवेदी की दो टूक टिप्पणियों को अत्यधिक उकसावे वाली बताते हुए इसे भारतीय नेतृत्व का बौद्धिक और मानसिक दिवालियापन तक करार दे डाला है। हालांकि, इस तरह की बयानबाजी करते हुए इस्लामाबाद के सैन्य रणनीतिकार पिछले वर्ष भारतीय वायुसेना द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के खौफनाक अंजाम को पूरी तरह भूल गए हैं। उस सैन्य ऑपरेशन के दौरान भारतीय जांबाजों ने सीमा पार घुसकर आतंकियों के परखच्चे उड़ा दिए थे।
पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारतीय वायुसेना ने सात मई को शुरू किया था ‘ऑपरेशन सिंदूर’
कूटनीतिक रिकॉर्ड के अनुसार, पिछले साल जम्मू-कश्मीर के पवित्र तीर्थ स्थल पहलगाम में हुए कायरतापूर्ण आतंकी हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की जान चली गई थी। इस बर्बर घटना के कड़े जवाब में भारत सरकार ने रक्षा नीति बदलते हुए सात मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को हरी झंडी दिखाई थी। इसके तहत भारतीय लड़ाकू विमानों ने आधी रात को नियंत्रण रेखा (LoC) पार कर पाकिस्तान और पीओके (PoK) के भीतर रणनीतिक हमले शुरू किए थे।
हवाई हमलों में तबाह हुए नौ बड़े आतंकी ठिकाने, 100 से अधिक खूंखार आतंकियों को सेना ने किया ढेर
भारतीय वायुसेना ने इस गोपनीय ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर और पाकिस्तान की मुख्य सीमा के अंदर सक्रिय कुल नौ प्रमुख आतंकी ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए थे। इन भीषण बमवर्षक हमलों में 100 से अधिक खूंखार कमांडर और प्रशिक्षित आतंकवादी मौके पर ही ढेर हो गए थे। भारत की इस अप्रत्याशित और आक्रामक सैन्य कार्रवाई ने पाकिस्तानी सेना के पूरे खुफिया नेटवर्क और सुरक्षा तंत्र को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया था।
पाकिस्तानी सेना के प्रतिशोधात्मक काउंटर अटैक को भारतीय जांबाजों ने सीमा पर किया नाकाम
अपने देश में पल रहे आतंकवादियों के बचाव में और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी साख बचाने के लिए पाकिस्तानी सेना ने इसके तुरंत बाद प्रतिशोधात्मक जवाबी हमले करने की नापाक कोशिश की थी। इसके बावजूद, सतर्क भारतीय वायुसेना और थल सेना के आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम ने उनके अधिकांश मिसाइल और हवाई हमलों को हवा में ही पूरी तरह विफल कर दिया था। भारतीय सरजमीं पर घुसने का पाक का हर प्रयास नाकाम रहा था।
भीषण तबाही के बाद पाकिस्तान ने लगाई थी सीजफायर की गुहार, 10 मई को रुकी थी दोनों तरफ से गोलाबारी
भारतीय सेना के इस प्रचंड और आक्रामक प्रहार से पूरी तरह पस्त होने के बाद पाकिस्तान के शीर्ष सैन्य नेतृत्व को अपनी जान बचाने के लिए घुटने टेकने पड़े थे। इस्लामाबाद ने अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थों के जरिए भारत से तुरंत सीजफायर (युद्धविराम) की भावुक अपील की थी। इसके बाद 10 मई को दोनों देश सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमत हुए थे। विशेषज्ञों के अनुसार, जनरल द्विवेदी का हालिया बयान इसी ऐतिहासिक सैन्य पराक्रम की याद दिलाता है।

