Delhi News: पारिजात के फूल बेहद खूबसूरत और मनमोहक होते हैं। सफेद पंखुड़ियों और केसरिया तने वाला यह पौधा वास्तु के नजरिए से बहुत खास है। अंग्रेजी में इसे नाइट ब्लूमिंग जैस्मीन कहते हैं। इसकी सुगंध तनाव दूर करती है। आयुर्वेद और होम्योपैथी में भी इसका उपयोग किया जाता है। देवी लक्ष्मी को यह पौधा बहुत ज्यादा प्रिय है।
पारिजात के चमत्कारी फूल और वास्तु के नियम
वास्तु के अनुसार पारिजात का पौधा बहुत शुभ होता है। इस पर छोटे सफेद फूल लगते हैं। ये फूल सितंबर के अंत से दिसंबर तक लगातार खिलते हैं। ये फूल केवल रात में ही खिलते हैं। इनकी मनमोहक सुगंध हर तरफ फैल जाती है। इस पौधे की खुशबू घर के वातावरण को शुद्ध और बहुत सकारात्मक बना देती है।
श्रीकृष्ण और देवी लक्ष्मी से जुड़ी है कथा
पारिजात से एक प्रसिद्ध पौराणिक कथा जुड़ी है। मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण इसे स्वर्ग से धरती पर लाए थे। पत्नी सत्यभामा और रुक्मिणी में इसे लगाने को लेकर विवाद हुआ था। तब श्रीकृष्ण ने इसे सत्यभामा के आंगन में लगाया। उन्होंने ऐसा उपाय किया कि इसके फूल सीधे रुक्मिणी के आंगन में गिरते थे। यह कहानी रोचक है।
घर में पारिजात लगाना अत्यंत शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार देवी लक्ष्मी को इसके फूल बेहद पसंद हैं। जहां ये फूल खिलते हैं, वहां साक्षात धन की देवी निवास करती हैं। मुख्य द्वार पर इसे लगाने से मन को शांति मिलती है। यह खास पौधा तनाव को काफी हद तक कम करने में बहुत मदद करता है।
वास्तु शास्त्र के अनुसार सही दिशा में पौधा लगाना जरूरी है। पारिजात को घर की उत्तर या पूर्व दिशा में लगाना सबसे अच्छा माना जाता है। इस दिशा में लगाने से सभी वास्तु दोष खत्म हो जाते हैं। परिवार में हमेशा सुख, शांति और आनंद का माहौल रहता है। यह घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह तेजी से बढ़ाता है।
Pandit Balkrishan Sharma


