नीरज भारती ने सरकार और मुख्यमंत्री की कार्यशैली पर उठाए गंभीर सवाल, हाईकमान ने बुलाई डिसिप्लिनरी कमेटी की बैठक

Himachal News: हिमाचल प्रदेश कांग्रेस में पूर्व मुख्य संसदीय सचिव नीरज भारती के बयानों को लेकर मचा राजनीतिक घमासान थमता नजर नहीं आ रहा है। पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित किए जाने के बाद भी वे लगातार सूक्खु सरकार और मुख्यमंत्री की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं।

सत्तारूढ़ कांग्रेस संगठन ने इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। विवाद बढ़ता देख पार्टी आलाकमान ने तुरंत एक हाई लेवल डिसिप्लिनरी कमेटी की बैठक बुला ली है। पार्टी का साफ कहना है कि सरकार और संगठन से जुड़े मुद्दों को सोशल मीडिया के बजाय आंतरिक मंच पर उठाना चाहिए।

विनोद जिंटा ने नीरज भारती के आरोपों को बताया निराधार

कांग्रेस के संगठन महासचिव विनोद जिंटा ने सोमवार को शिमला में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नीरज भारती पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के खिलाफ लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह तथ्यहीन और निराधार हैं। कांग्रेस एक लोकतांत्रिक दल है, जहां हर कार्यकर्ता को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है।

विनोद जिंटा ने सख्त लहजे में कहा कि अपनी व्यक्तिगत शिकायतों के लिए संगठन के भीतर उचित और तय प्लेटफॉर्म्स मौजूद हैं। यदि किसी नेता को कोई गंभीर आपत्ति है, तो वह सीधे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष या पार्टी प्रभारी के समक्ष अपना पक्ष रख सकता है, न कि सोशल मीडिया पर जाए।

अनुशासनहीनता करने वाले नेताओं पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई

संगठन महासचिव ने स्पष्ट किया कि मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से पार्टी की साख को नुकसान पहुंचाने की इजाजत किसी को नहीं मिलेगी। कांग्रेस में किसी भी स्तर पर अनुशासनहीनता स्वीकार नहीं की जाएगी। अनुशासन समिति की बैठक में इस पूरे घटनाक्रम पर विस्तार से समीक्षा होगी।

पार्टी ने कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि भविष्य में जो भी नेता इस तरह के कृत्य में शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। बता दें कि नीरज भारती हिमाचल की राजनीति का बड़ा चेहरा हैं और वे सुक्खू कैबिनेट के वरिष्ठ मंत्री चंद्र कुमार के बेटे हैं।

सीपीएस पद पर रह चुके हैं दो बार के पूर्व विधायक भारती

नीरज भारती कांग्रेस के टिकट पर दो बार विधायक चुने जा चुके हैं। वे पूर्व वीरभद्र सिंह सरकार में मुख्य संसदीय सचिव यानी सीपीएस जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। प्रदेश संगठन ने उन्हें वाइस प्रेसिडेंट बनाया था, लेकिन मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सूक्खु से मतभेदों के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया था।

इस्तीफे के बाद भी भारती लगातार सरकार की कार्यप्रणाली को लेकर सार्वजनिक रूप से तीखे बयान देते रहे। इस बयानबाजी को अनुशासनहीनता मानते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष कांगड़ा अनुराग शर्मा ने उन्हें छह साल के लिए निष्कासित कर दिया, जिससे राज्य में सियासी हलचल तेज हो गई है।

Reported By: Sunita Gupta

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