Uttar Pradesh News: बिजनौर पुलिस की एक बहुत बड़ी लापरवाही अब खुलकर सामने आ गई है। पुलिस ने चार महीने पहले जिस संदिग्ध युवक को हथियार लहराने के मामले में क्लीन चिट दी थी, वह खूंखार आतंकी निकला है। यूपी एटीएस ने लखनऊ में चार संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार करके इस नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस आतंकी मॉड्यूल के तार दुबई में बैठे सरगना से सीधे जुड़े हैं। इसके बाद एसपी ने तत्कालीन एसएचओ और सीओ पर सख्त कार्रवाई की है।
लखनऊ में पकड़े गए चार संदिग्ध आतंकी
यूपी एटीएस ने हाल ही में लखनऊ से चार संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान साकिब उर्फ डेविल, अरबाब, विकास और लोकेश के रूप में हुई है। ये लोग प्रदेश के अहम शहरों में तबाही मचाने की खौफनाक साजिश रच रहे थे। जांच में यह बड़ा खुलासा हुआ है कि इस नेटवर्क का मुख्य सरगना आकिब खान है। वह दुबई में बैठकर इस खतरनाक मॉड्यूल को चला रहा है। पुलिस अब आकिब की सरगर्मी से तलाश कर रही है।
बिजनौर में वायरल हुआ था हथियारों का वीडियो
चार महीने पहले बिजनौर के नांगल सोती थाना इलाके में एक वीडियो वायरल हुआ था। इसमें सौफतपुर गांव का मैजुल एक वीडियो कॉल पर बात कर रहा था। उसके साथ कॉल पर दुबई में मौजूद आकिब खान जुड़ा था। वीडियो में आकिब खुलेआम एके-47 राइफल और हैंड ग्रेनेड जैसे खतरनाक हथियार दिखा रहा था। इस गंभीर मामले को लेकर बिजनौर पुलिस ने तेईस नवंबर को तीन संदिग्ध लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करके अपनी जांच शुरू कर दी थी।
पुलिस ने एके-47 को मान लिया था खिलौना
मामले की जांच तत्कालीन थानाध्यक्ष सत्येंद्र सिंह मलिक कर रहे थे। उन्होंने वीडियो कॉल के जरिए दुबई में बैठे आकिब से संपर्क किया। आकिब ने बेहद चालाकी से पुलिस को पूरी तरह गुमराह कर दिया। उसने पुलिस को बताया कि वीडियो में दिखने वाली एके-47 सिर्फ प्लास्टिक का खिलौना है। उसने हैंड ग्रेनेड को भी साधारण परफ्यूम की बोतल बता दिया। आकिब ने कॉल पर ग्रेनेड खोलकर दिखाते हुए बिजनौर पुलिस को आसानी से चकमा दे दिया था।
बिना ठोस जांच के दे दी गई क्लीन चिट
बिजनौर पुलिस ने बिना किसी ठोस जांच के आकिब की कहानी पर भरोसा कर लिया। पुलिस टीम ने हथियारों की सत्यता जांचने की बिल्कुल जहमत नहीं उठाई। तत्कालीन जांच अधिकारी ने इस बेहद संवेदनशील मामले में फाइनल रिपोर्ट लगाकर फाइल बंद कर दी। पुलिस ने वायरल वीडियो में शामिल सभी संदिग्ध आरोपियों को आसानी से क्लीन चिट दे दी। पुलिस की इसी भारी लापरवाही के कारण आकिब खान का आतंकी नेटवर्क उत्तर प्रदेश में लगातार मजबूत होता चला गया।
एटीएस की पूछताछ में खुला आतंकी कनेक्शन
हाल ही में यूपी एटीएस ने लखनऊ में चार आतंकियों को पकड़ा तो पूरी कहानी पलट गई। अधिकारियों ने जब इन खूंखार आतंकियों से सख्ती से पूछताछ की तो चौंकाने वाले खुलासे हुए। गिरफ्तार हुए मुख्य आरोपी साकिब ने बताया कि वे सभी दुबई में बैठे आकिब खान के संपर्क में थे। साकिब लगातार आकिब से बातचीत करके देश विरोधी साजिश रच रहा था। इस खतरनाक खुलासे के बाद बिजनौर पुलिस महकमे में भारी हड़कंप मच गया है।
लापरवाह पुलिस अधिकारियों पर गिरी गाज
एटीएस के इनपुट के बाद बिजनौर पुलिस की नाकामी पूरी तरह से सामने आ गई। इसके बाद आला अधिकारियों ने अपना सख्त रुख अपनाया। बिजनौर के पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा ने लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर तुरंत एक्शन लिया है। उन्होंने बिना देरी किए तत्कालीन थानाध्यक्ष सत्येंद्र सिंह मलिक को निलंबित कर दिया। इसके अलावा नजीबाबाद के क्षेत्राधिकारी नितेश प्रताप सिंह को भी उनके सर्किल से हटा दिया गया है। पुलिस विभाग में इस कार्रवाई से काफी हड़कंप मचा हुआ है।
दुबई से आकिब ने सोशल मीडिया पर दी सफाई
आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश होने के बाद मुख्य आरोपी आकिब घबरा गया है। एटीएस और खुफिया एजेंसियां सरगर्मी से उसकी तलाश में जुटी हैं। इस बीच आकिब ने दुबई से अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट किया है। इसमें उसने सफाई देते हुए कहा है कि उसका किसी आतंकी संगठन से कोई लेना-देना नहीं है। आकिब ने यूपी पुलिस से अपील की है कि पकड़े गए लोगों की सही जांच की जाए और उसे झूठा न फंसाया जाए।
रेलवे और गैस ट्रकों को उड़ाने की थी साजिश
आकिब मूल रूप से मेरठ के मवाना इलाके का निवासी है। वह पिछले तीन साल से दुबई में रहकर कार चलाने का काम करता है। जांच एजेंसियों के मुताबिक आकिब ने ही मुख्य आरोपी साकिब का संपर्क पाकिस्तानी आतंकियों से करवाया था। ये आतंकी मिलकर रेलवे स्टेशन और गैस सिलेंडर से भरे ट्रकों को निशाना बनाने की फिराक में थे। एटीएस की शानदार मुस्तैदी से एक बड़ा और खौफनाक आतंकी हमला होने से पहले ही पूरी तरह नाकाम हो गया।


