Uttar Pradesh News: यातायात नियमों की अनदेखी कर सड़कों पर फर्राटा भरने वाले वाहन चालकों के खिलाफ परिवहन विभाग ने अब तक का सबसे बड़ा विशेष चेकिंग अभियान शुरू किया है। इस संयुक्त अभियान के तहत एआरटीओ और पीटीओ की टीमों ने जिले भर में मानक विहीन और ओवरलोड वाहनों की सघन जांच की। महज पांच दिनों की कार्रवाई के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले 903 वाहनों के चालान काटकर प्रशासन ने 15 लाख 20 हजार रुपये का राजस्व वसूला है।
हेलमेट न पहनने वालों पर गिरी गाज, कटे सबसे अधिक चालान
विभाग द्वारा चलाई गई इस विशेष मुहिम में सबसे अधिक लापरवाही दोपहिया वाहन चालकों में देखी गई। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, बिना हेलमेट बाइक चलाने वाले 633 लोगों के खिलाफ चालान की कार्रवाई की गई है। सड़क सुरक्षा के प्रति लोगों की इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए अधिकारियों ने मौके पर ही जुर्माना वसूलने के साथ उन्हें चेतावनी भी दी। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य आर्थिक दंड के माध्यम से लोगों को सुरक्षित यात्रा के प्रति जागरूक करना है।
सीट बेल्ट और मोबाइल के इस्तेमाल पर भी सख्त कार्रवाई
जांच टीम ने केवल हेलमेट ही नहीं, बल्कि कार चालकों और अन्य नियमों पर भी पैनी नजर रखी। अभियान के दौरान सीट बेल्ट न लगाने वाले 27 चालकों और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन पर बात करने वाले 18 लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई। यातायात विशेषज्ञों का मानना है कि मोबाइल का उपयोग सड़क दुर्घटनाओं का एक बड़ा कारण बनता है। इन लापरवाहियों के लिए भारी प्रशमन शुल्क वसूल कर विभाग ने सख्त संदेश देने की कोशिश की है।
ओवरलोडिंग पर कड़ा प्रहार, 21 वाहन मौके पर ही किए गए सीज
सड़कों को नुकसान पहुंचाने और गंभीर हादसों को न्योता देने वाले ओवरलोड वाहनों के खिलाफ भी टीम ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई। चेकिंग के दौरान ओवरलोडिंग के 41 मामले सामने आए, जिनमें से 21 वाहनों को नियमों की घोर अनदेखी के चलते मौके पर ही सीज कर दिया गया। यात्री मालकर अधिकारी (पीटीओ) दिनेश रावत ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगा और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।


