तमिलनाडु में ‘रिजॉर्ट पॉलिटिक्स’ की वापसी: विजय की TVK को रोकने के लिए AIADMK ने विधायकों की घेराबंदी

Tamil Nadu News: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजों ने राज्य की राजनीति को बेहद रोमांचक मोड़ पर खड़ा कर दिया है। त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति पैदा होने के बाद अब सरकार बनाने के लिए शह और मात का खेल शुरू हो चुका है। अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है। बहुमत का जादुई आंकड़ा हासिल करने के लिए सभी दल एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं। राज्यपाल आर.एन. रवि के निर्देशों के बाद राज्य में ‘रिजॉर्ट पॉलिटिक्स’ की पुरानी यादें ताजा हो गई हैं।

AIADMK की रिजॉर्ट में गुप्त बैठक और विधायकों की बाड़ेबंदी

चुनाव नतीजों के तुरंत बाद अपने कुनबे को एकजुट रखने के लिए AIADMK महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी (EPS) सक्रिय हो गए हैं। पुडुचेरी के अरियांकुप्पम स्थित एक निजी रिजॉर्ट में करीब 40 नवनिर्वाचित विधायकों की आपात बैठक बुलाई गई। पलानीस्वामी ने विधायकों को किसी भी प्रकार के प्रलोभन से बचने और एकजुट रहने की सख्त हिदायत दी है। सूत्रों का कहना है कि पार्टी फिलहाल ‘वेट एंड वॉच’ की नीति अपना रही है। सही समय आने पर पलानीस्वामी कोई बड़ा राजनीतिक दांव खेल सकते हैं।

विजय के बहुमत के दावे पर उठे सवाल और विपक्ष का हमला

AIADMK के राष्ट्रीय प्रवक्ता कोवई सत्यन ने विजय की पार्टी TVK की रणनीति और दावों पर तीखा हमला बोला है। सत्यन ने आंकड़ों के जरिए बताया कि TVK के पास फिलहाल केवल 108 सीटें हैं। सरकार बनाने के लिए आवश्यक 118 के आंकड़े तक पहुँचने के लिए उन्हें अभी भी 5 और विधायकों की जरूरत है। सत्यन ने तंज कसते हुए कहा कि सिर्फ कांग्रेस की 5 सीटों के भरोसे बहुमत साबित करना नामुमकिन है। उन्होंने विजय से सवाल किया कि वे बाकी विधायकों का समर्थन कहां से लाएंगे।

छोटे दलों का रुख और विजय को मुख्यमंत्री बनाने की मांग

इस राजनीतिक उठापटक के बीच इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के अध्यक्ष के.एम. कादर मोहिदीन ने बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने पुष्टि की है कि TVK ने सरकार बनाने में सहयोग के लिए उनसे संपर्क साधा है। दूसरी तरफ, CPM के राज्य सचिव टी.टी. शन्मुगम विजय के समर्थन में खड़े नजर आ रहे हैं। उनका तर्क है कि संवैधानिक परंपरा के अनुसार सबसे बड़ी पार्टी के नेता को ही मुख्यमंत्री पद की शपथ के लिए आमंत्रित किया जाना चाहिए। हालांकि, वाम दलों ने अपना अंतिम फैसला फिलहाल सुरक्षित रखा है।

राज्यपाल की सक्रियता पर कांग्रेस ने जताई कड़ी नाराजगी

राज्यपाल आर.एन. रवि द्वारा विजय को बहुमत साबित करने का आदेश देने पर कांग्रेस ने कड़ा विरोध जताया है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि राजभवन लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और राज्य की राजनीति में अनावश्यक हस्तक्षेप कर रहा है। पार्टी ने मांग की है कि राज्यपाल को अपनी संवैधानिक मर्यादाओं के भीतर रहकर ही काम करना चाहिए। फिलहाल तमिलनाडु की जनता और राजनीतिक विश्लेषकों की नजरें राजभवन पर टिकी हैं। आने वाले कुछ घंटे यह तय करेंगे कि राज्य में विजय की सरकार बनेगी या नया सियासी संकट खड़ा होगा।

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