Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश की बेशकीमती वन संपदा को लूटने वाले माफियाओं के खिलाफ विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। रात के अंधेरे में तस्करी के लिए निकले तस्करों के मंसूबों को नाकाम करते हुए विशेष टीमों ने पूरी रात चले सर्च ऑपश्रेन में 10 बड़े वाहनों को धर दबोचा है।
इन सभी पकड़े गए वाहनों में प्रतिबंधित वन प्रजातियों की कीमती लकड़ी अवैध रूप से ले जाई जा रही थी। तस्करों ने अधिकारियों को धोखा देने के लिए सभी गाड़ियों को ऊपर से तिरपाल से अच्छी तरह ढका हुआ था। सड़क पर दौड़ते इन वाहनों को देखकर कोई भी धोखा खा सकता था।
गुप्त सूचना के आधार पर बिछाया गया था जाल
चेकिंग के दौरान जब टीमों ने तिरपाल हटाया तो अंदर भारी मात्रा में प्रतिबंधित अवैध लकड़ियों का जखीरा देखकर हर कोई हैरान रह गया। रेंज ऑफिसर राहुल ठाकुर ने बताया कि विभाग को इस तस्करी की गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद डीएफओ विकल्प यादव के सख्त निर्देशों पर यह बड़ी नाकाबंदी की गई थी।
इस सीक्रेट मिशन को पूरा करने के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया था। इस टीम में फॉरेस्ट रेंजर और गार्ड शामिल थे। जिन्होंने रात 1 बजे से सुबह 8 बजे तक अम्ब और भरवाईं रेंज में हर गुजरने वाले संदिग्ध वाहनों की सघन तलाशी ली और इन्हें जब्त किया।
गाड़ियों से प्रतिबंधित कैम्बल और सिम्बल की लकड़ी बरामद
शुरुआती जांच में पता चला है कि सभी गाड़ियों में प्रतिबंधित कैम्बल, सिम्बल और चौड़ी पत्ती वाली प्रजातियों की लकड़ी भरी हुई थी। एक वाहन से आम की लकड़ी भी बरामद की गई है। किसी भी ड्राइवर के पास इस लकड़ी को ले जाने का कोई लीगल परमिट या जरूरी दस्तावेज नहीं था।
डीएफओ विकल्प यादव ने बताया कि बिना वैध कागजात के पकड़े गए सभी 10 वाहनों को तुरंत सीज कर दिया गया है। विभाग ने भारतीय वन अधिनियम, 1927 के तहत केस दर्ज कर लिया है। अब इस पूरे रैकेट के मुख्य आकाओं का पता लगाने के लिए बैकवर्ड इन्वैस्टिगेशन की जा रही है।
विभाग यह जांच कर रहा है कि यह लकड़ी किसी की प्राइवेट जमीन से काटी गई है या फिर सरकारी जंगलों पर आरा चलाया गया है। अधिकारियों ने दो टूक चेतावनी दी है कि वन संपदा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा। माफिया की कमर तोड़ने के लिए आगे भी यह अभियान जारी रहेगा।
Reported By: Sunita Gupta


