Rajju Bhaiya University: रज्जू भैया यूनिवर्सिटी ने पूरे किए सफलता के 11 साल, जानिए कैसे रचा इतिहास

- Advertisement -

Prayagraj News: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में स्थित प्रो. राजेन्द्र सिंह (रज्जू भैया) राज्य विश्वविद्यालय ने बुधवार को अपने गौरवशाली 11 वर्ष पूरे कर लिए हैं। साल 2016 में स्थापित इस बड़े संस्थान ने महज एक दशक के भीतर ही शिक्षा, शोध और नवाचार के क्षेत्र में शानदार काम किया है।

सीमित संसाधनों से शुरू होकर बनाया अनोखा रिकॉर्ड

इस खास स्थापना दिवस के मौके पर विश्वविद्यालय कैंपस में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस उत्सव में संस्थान की शानदार विकास यात्रा को याद किया गया। कुलपति अखिलेश कुमार सिंह ने कहा कि यह सफर केवल एक संस्थान की सफलता नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का संकल्प है।

- Advertisement -

कुलपति ने बताया कि सीमित संसाधनों के साथ शुरू हुई यह यात्रा आज नए मानक स्थापित कर चुकी है। उन्होंने इस सफलता के लिए सभी शिक्षकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों और शोधार्थियों का आभार जताया। विश्वविद्यालय ने बहुत ही कम समय में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन में रहा अव्वल

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज भूषण चौधरी ने कहा कि यह संस्थान महान राष्ट्रचिंतक रज्जू भैया के आदर्शों पर चल रहा है। उनकी सादगी और शैक्षणिक उत्कृष्टता की भावना यहां की कार्य संस्कृति में साफ दिखती है। विशिष्ट अतिथि बिहारीलाल शर्मा ने भी विश्वविद्यालय के कार्यों की जमकर सराहना की।

अतिथियों ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों के संचालन को लेकर संस्थान की पीठ थपथपाई। इस सफल कार्यक्रम का कुशल संचालन डा. गीतांजलि ने किया। इसके बाद कुलसचिव डा. विनीता यादव ने वहां मौजूद सभी लोगों को धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।

अनुसंधान और स्टार्टअप संस्कृति को मिला नया आयाम

पिछले एक दशक में विश्वविद्यालय ने कैंपस के भीतर रिसर्च और अनुसंधान संस्कृति को बहुत मजबूत किया है। इसके साथ ही नए बिजनेस आइडिया को बढ़ावा देने के लिए स्टार्टअप संस्कृति और उद्यमिता विकास को भी तेजी से प्रोत्साहित किया गया है, जिससे छात्र आत्मनिर्भर बन सकें।

कैंपस में आधुनिक शैक्षणिक भवनों, प्रयोगशालाओं, स्मार्ट कक्षाओं, कंप्यूटर लैब और विशाल पुस्तकालयों का तेजी से विस्तार किया गया है। इसके अलावा संस्थान महिला सशक्तिकरण और समावेशी शिक्षा की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है। कुलपति के अनुसार उत्तर भारत का प्रमुख ज्ञान केंद्र बनना ही उनका अंतिम लक्ष्य है।

Author: Ajay Mishra

- Advertisement -

बड़ी खबरें

Topics

Related Articles