Shimla News: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और जमीन खरीद-फरोख्त में गड़बड़ी के आरोपों पर राजनीति गरमा गई है। हिमाचल प्रदेश के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ नहीं होना चाहिए।
दान राशि के उपयोग में पूरी पारदर्शिता रखने की वकालत
शिमला में पत्रकारों से बातचीत करते हुए राजस्व मंत्री नेगी ने कहा कि देश की जनता ने मंदिर निर्माण के लिए उदारतापूर्वक दान दिया था। ऐसे में चंदा राशि के उपयोग में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि मंदिर फंड में कोई वित्तीय अनियमितता हुई है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
मंत्री नेगी ने आरोप लगाया कि धार्मिक आस्था के नाम पर इकट्ठा किए गए धन का दुरुपयोग बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे धार्मिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर बुरा असर पड़ता है। उन्होंने जोर दिया कि मंदिर निर्माण और धार्मिक गतिविधियों को राजनीति से पूरी तरह दूर रखना चाहिए ताकि व्यवस्था में जनता का अटूट विश्वास बना रहे।
अस्पतालों और स्कूलों को दान देने की लोगों से अपील
राजस्व मंत्री ने लोगों से एक विशेष अपील करते हुए कहा कि वे मंदिरों के बजाय समाज कल्याण के कार्यों में अपना योगदान बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को स्कूलों और अस्पतालों में दान देना चाहिए। इससे गरीब और जरूरतमंद लोगों को सीधा लाभ मिलेगा और देश के सामाजिक ढांचे में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।
जगत सिंह नेगी ने तीखा तंज कसते हुए कहा कि धार्मिक चढ़ावे से कुछ लोग अनुचित लाभ उठा रहे हैं। जो लोग कल तक साधारण जीवन जीते थे, वे आज हवाई जहाज में घूम रहे हैं। उन्होंने कहा कि आस्था को ठेस पहुंचने से बचाने के लिए दान पात्र में पैसा डालने की पुरानी व्यवस्था पर पुनर्विचार होना चाहिए।

