पिथौरागढ़ में कुदरत का कहर: भारी ओलावृष्टि और अंधड़ से मची तबाही, घर ढहे और सड़कें हुईं जमींदोज

Pithoragarh News: सीमांत जिले पिथौरागढ़ में कुदरत ने जबरदस्त कहर बरपाया है। शनिवार को हुई भारी ओलावृष्टि के बाद 48 एमएम की मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। जिला मुख्यालय के न्यू भाटकोट क्षेत्र में नगर निगम की नवनिर्मित सड़क पूरी तरह ध्वस्त हो गई, जिससे कई मकानों पर खतरे के बादल मंडराने लगे हैं। भारी बारिश के दबाव में बिजली के पोल भी गिर गए, जिसके चलते कई मोहल्लों में अंधेरा छा गया और स्थानीय लोग दहशत में हैं।

बेरीनाग और पीपली में अंधड़ ने मचाया तांडव

जिले के विभिन्न क्षेत्रों में रविवार को आए तेज अंधड़ ने भारी तबाही मचाई है। बेरीनाग के सांगड़ गांव में पुष्कर सिंह और सुनील सिंह के घर की छत पर विशालकाय पेड़ गिर गया, जिससे पूरा भवन क्षतिग्रस्त हो गया। पीपली गांव में एक दिव्यांग व्यक्ति का चाय का ढाबा पूरी तरह ध्वस्त हो गया। ग्राम प्रधान ने बताया कि पीड़ित परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर है और प्रशासन से तत्काल मुआवजे की मांग की गई है ताकि उन्हें राहत मिल सके।

डीडीहाट में उड़ी छत और बाधित हुए रास्ते

अंधड़ का सबसे भयावह रूप डीडीहाट तहसील में देखने को मिला, जहां एक बैंकेट हॉल की पूरी छत हवा में उड़ गई। हालांकि, गनीमत यह रही कि इस हादसे के समय वहां कोई मौजूद नहीं था, वरना बड़ी जनहानि हो सकती थी। पिथौरागढ़-झूलाघाट मार्ग पर बगरतोली के पास चीड़ का पेड़ गिरने से यातायात घंटों तक बाधित रहा, जिससे दर्जनों गांवों का संपर्क टूट गया। गौरीहाट में भी एक मकान की रेलिंग टूटने की सूचना मिली है।

जिले भर में बारिश के आंकड़ों ने डराया

आपदा प्रबंधन विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, पिथौरागढ़ में सर्वाधिक 48.0 मिमी और गंगोलीहाट में 37.0 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। इसके अलावा बंगापानी, देवलथल और धारचूला में भी मध्यम बारिश हुई है। सड़कों के टूटने और संचार व्यवस्था ठप होने से प्रशासन को दूरस्थ क्षेत्रों से नुकसान की पूरी जानकारी जुटाने में कठिनाई हो रही है। प्रभावित निवासियों ने आपदा प्रबंधन विभाग से सुरक्षा कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शुरू करने की गुहार लगाई है।

प्रशासनिक सतर्कता और सुरक्षा की मांग

भारी तबाही को देखते हुए पूर्व पालिकाध्यक्षों और जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन से प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने की मांग की है। न्यू भाटकोट जैसे इलाकों में जहां बिजली के पोल गिरे हैं, वहां करंट फैलने का खतरा बना हुआ है। बिजली विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमें मरम्मत कार्य में जुटी हैं। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए भी सतर्क रहने की चेतावनी दी है, जिससे पहाड़ों पर रहने वाले लोगों की चिंताएं और बढ़ गई हैं।

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