Himachal Pradesh News: पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर देश में सियासत तेज हो गई है। केंद्र की मोदी सरकार ने तेल पर एक्साइज ड्यूटी घटाकर आम जनता को बड़ी राहत दी है। वहीं, हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने तेल पर टैक्स बढ़ाने का फैसला लिया है। पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार के इस कदम की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री मोदी संकट के समय जनता को बचा रहे हैं, वहीं कांग्रेस सरकार टैक्स का बोझ डालकर उन्हें परेशान कर रही है।
केंद्र की राहत बनाम राज्य का टैक्स बम
पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने केंद्र के फैसले को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि पश्चिमी एशिया में तनाव के कारण कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे रास्तों पर भारी संकट है। ऐसे मुश्किल समय में पीएम मोदी ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्र ने पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी घटाकर तीन रुपये कर दी है। वहीं, डीजल पर इसे शून्य कर दिया गया है। जयराम ठाकुर ने कहा कि यह फैसला गरीब और मध्यम वर्ग को महंगाई से बचाएगा।
सुक्खू सरकार पर तीखा हमला
जयराम ठाकुर ने हिमाचल की कांग्रेस सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सुक्खू सरकार केंद्र से बिल्कुल उल्टी दिशा में काम कर रही है। जब केंद्र टैक्स घटा रहा है, तब राज्य सरकार अपना खजाना भरने में लगी है। हिमाचल विधानसभा ने 23 मार्च 2026 को नया वैट संशोधन विधेयक पास किया है। इसके तहत पेट्रोल और डीजल पर पांच रुपये प्रति लीटर तक अतिरिक्त सेस लगेगा। सरकार का तर्क है कि इस पैसे का इस्तेमाल अनाथ और विधवा कल्याण कोष में होगा।
क्या 100 रुपये के पार जाएगा पेट्रोल?
हिमाचल में इस समय पेट्रोल की औसत कीमत 94 से 95 रुपये के बीच है। वहीं, डीजल 86 से 87 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। विपक्ष का दावा है कि नए सेस के बाद पेट्रोल 100 रुपये के पार जा सकता है। डीजल की कीमत भी 90 रुपये के पार जाने की आशंका है। हालांकि, यह नया सेस अभी पूरी तरह से लागू नहीं हुआ है। जयराम ठाकुर ने राज्य सरकार को अपनी नीतियों पर दोबारा विचार करने की सख्त सलाह दी है।
देश में तेल का पूरा स्टॉक मौजूद
पूर्व मुख्यमंत्री ने जनता से अपील की है कि वे घबराहट में तेल न खरीदें। उन्होंने साफ किया कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने सभी पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त स्टॉक होने की पुष्टि की है। देश की सभी रिफाइनरियां अपनी पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं। केंद्र सरकार ने डीजल के निर्यात पर 21.5 रुपये प्रति लीटर का विंडफॉल टैक्स भी लगाया है। यह कदम घरेलू बाजार में तेल की कमी रोकने के लिए उठाया गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल 122 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है।


