बंगाल में मचे भारी सियासी बवाल के बीच ममता बनर्जी का बड़ा ऐलान, पुलिस अनुमति न मिलने पर भी करेंगी ऐतिहासिक धरना

West Bengal News: पश्चिम बंगाल की राजनीति में सोमवार को उस समय भारी उबाल आ गया जब तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने एक बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि पुलिस की अनुमति नहीं मिलने के बावजूद उनकी पार्टी प्रस्तावित धरने को हर हाल में आगे बढ़ाएगी।

ममता बनर्जी ने केंद्र और राज्य सरकार पर रेहड़ी-पटरी वालों को बिना पुनर्वास हटाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि आम लोग और छोटे व्यापारी इस समय गहरे डर के साए में जी रहे हैं। भाजपा हमारी पार्टी के विधायकों को तोड़ने के लिए धन-बल का इस्तेमाल कर रही है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने साफ किया कि निजी स्वार्थ के लिए नेताओं के पार्टी छोड़ने से संगठन मजबूत होगा। उन्होंने दावा किया कि चुनाव के बाद से अब तक तृणमूल के 12 कार्यकर्ताओं की हत्या हुई है। पुलिस लगातार लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शनों में बाधा डाल रही है।

अनुमति नहीं मिली तो रास्ते में ही धरने पर बैठ जाऊंगी

ममता बनर्जी ने कहा कि पुलिस ने रानी रासमणि रोड पर धरना देने की इजाजत देने से पूरी तरह इनकार कर दिया है। यह प्रदर्शन रेहड़ी-पटरी वालों की समस्या और नीट परीक्षा घोटाले के खिलाफ होना था। उन्होंने कहा कि मैं खुद गिरफ्तार होने के लिए पूरी तरह तैयार हूं।

संभवत: मौजूदा मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि वे उनके परिवार को लंबे समय से जानती थीं। ममता ने दावा किया कि उन्हें ब्लैकमेल करने के लिए संदेश भेजे जा रहे हैं। बिना विचारधारा वाले लोग हमारे लिए शर्तें तय नहीं कर सकते।

यह सियासी घमासान तब और बढ़ गया जब सोमवार को तृणमूल विधायकों की अहम बैठक अचानक रद्द करनी पड़ी। इस बैठक में पार्टी के 80 विधायकों में से केवल 20 विधायक ही ममता बनर्जी के आवास पर पहुंचे थे, जिससे राजनीतिक हलचल काफी तेज हो गई है।

भतीजे अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले को लेकर लगाया गंभीर आरोप

ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा उनके भतीजे और राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को लगातार निशाना बना रही है। सोनारपुर में एक पीड़ित परिवार से मिलने गए अभिषेक पर उग्र भीड़ ने अंडे और पत्थर फेंके थे। इस हमले में वे बाल-बाल बचे।

पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि हमले के बाद अभिषेक बनर्जी को उचित इलाज से वंचित रखने के लिए अस्पतालों पर भारी दबाव बनाया गया। उन्होंने इसे राजनीतिक प्रतिशोध का एक घटिया उदाहरण बताया। भाजपा लगातार विपक्षी नेताओं की सुरक्षा को वापस ले रही है।

उन्होंने निष्कासित विधायक रीताब्रता बनर्जी पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें पार्टी में शामिल करना हमारी बड़ी भूल थी। वह पैरों में गिरकर टिकट मांग रहे थे और अब उन्होंने धोखा दिया। भाजपा प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग करके हमारे समर्थकों को डरा रही है।

Author: Sourav Banerjee

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