New Delhi News: भारत ने रक्षा क्षेत्र में एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक मुकाम हासिल कर लिया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देश को एक बड़ी खुशखबरी दी है। वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का रक्षा निर्यात पहली बार 38,424 करोड़ रुपये के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। पिछले साल के मुकाबले इस शानदार आंकड़े में 62.66 प्रतिशत का भारी उछाल आया है। यह बड़ी सफलता पूरी दुनिया में भारत की बढ़ती सैन्य ताकत और स्वदेशी हथियारों पर भरोसे को साफ दिखाती है।
आत्मनिर्भर भारत की ऐतिहासिक उड़ान
रक्षा मंत्री ने इस बड़ी सफलता को सोशल मीडिया पर देश के साथ साझा किया है। उन्होंने बताया कि भारत अब रक्षा निर्यात में एक बिल्कुल नई कहानी लिख रहा है। पिछले साल यानी 2024-25 में भारत का रक्षा निर्यात 23,622 करोड़ रुपये था। इस साल इसमें 14,802 करोड़ रुपये की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह सफलता वैश्विक मंच पर भारतीय हथियारों की बढ़ती मांग और भरोसे का सीधा प्रमाण है।
सरकारी और निजी कंपनियों ने दिखाया दम
इस रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन में देश की सरकारी और निजी दोनों कंपनियों ने शानदार काम किया है।
- रक्षा क्षेत्र की सरकारी कंपनियों (DPSU) ने कुल 21,071 करोड़ रुपये का निर्यात किया है। इनकी कुल हिस्सेदारी 54.84 प्रतिशत रही।
- निजी क्षेत्र की कंपनियों ने भी 17,353 करोड़ रुपये का मजबूत निर्यात किया है। इनकी हिस्सेदारी 45.16 प्रतिशत दर्ज की गई है।
सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाली बात यह है कि सरकारी कंपनियों का निर्यात पिछले साल 8,389 करोड़ रुपये था। यह आंकड़ा अब सीधा 21 हजार करोड़ रुपये के पार जा चुका है।
80 से ज्यादा देशों तक पहुंचे भारत के हथियार
रक्षा मंत्रालय के ताजा आंकड़े एक बहुत ही सुखद तस्वीर पेश करते हैं। पिछले केवल पांच सालों में भारत का रक्षा निर्यात करीब तीन गुना बढ़ चुका है। आज भारत के आधुनिक हथियार और रक्षा प्रणालियां दुनिया के 80 से अधिक देशों में बेची जा रही हैं। भारत से हथियार खरीदने वालों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। खरीदारों की यह संख्या अब 128 से बढ़कर 145 हो गई है। इसमें 13.3 प्रतिशत की बड़ी बढ़ोतरी हुई है।
आखिर कैसे संभव हुआ यह बड़ा चमत्कार?
भारत की इस ऐतिहासिक कामयाबी के पीछे सरकार की नई नीतियां बहुत अहम हैं। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक प्रधानमंत्री के ‘आत्मनिर्भर भारत’ विजन ने यह कमाल किया है। सरकार ने हथियार निर्माण और कारोबार को आसान बनाने के लिए कई बड़े सुधार किए हैं। रक्षा उत्पाद विभाग ने निर्यात की पूरी प्रक्रिया को बहुत सरल बना दिया है। इसके लिए एक नया ऑनलाइन पोर्टल और नई व्यवस्था (SOP) भी लागू की गई है।


