मिडिल ईस्ट तनाव का असर: भारत में हवाई यात्रा धड़ाम, क्या अब भी सुरक्षित है आपकी उड़ान?

India News: भारत में अप्रैल महीने के दौरान हवाई यात्रियों की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के नए आंकड़ों ने चिंता बढ़ा दी है। मध्य पूर्व में चल रहे गंभीर तनाव ने इस गिरावट में मुख्य भूमिका निभाई है। मार्च की तुलना में अप्रैल में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में कमी आई है। घरेलू और विदेशी दोनों रूटों पर यात्री घटे हैं। हालात अब सुधर रहे हैं। उड़ानें फिर से सामान्य होने लगी हैं।

घरेलू और विदेशी यात्रियों की संख्या में भारी कमी

अप्रैल में घरेलू हवाई यातायात गिरकर करीब एक सौ चालीस लाख यात्रियों तक पहुंच गया। यह आंकड़ा पिछले महीने की तुलना में चार प्रतिशत कमी दिखाता है। विदेशी यात्रा पर सबसे बुरा असर पड़ा है। अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की संख्या में बीस प्रतिशत की भारी गिरावट देखी गई। अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की संख्या घटकर अट्ठाईस लाख तीस हजार रह गई है। यह विमानन क्षेत्र के लिए एक गंभीर चुनौती बन गई है।

खाड़ी देशों में हवाई सेवा फिर से हुई बहाल

यूएई एविएशन ने राहत देते हुए हवाई क्षेत्र पूरी तरह खोल दिया है। भारतीय और यूएई एयरलाइनों ने अपनी उड़ानें बढ़ा दी हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि स्थिति सामान्य हो रही है। सऊदी अरब और ओमान से भी भारत के लिए उड़ानें लगातार जारी हैं। कतर का हवाई क्षेत्र अभी आंशिक रूप से खुला है। एयर इंडिया, इंडिगो और कतर एयरवेज कतर से सुरक्षित उड़ानें संचालित कर रहे हैं। यात्रियों को बड़ी राहत मिली है।

कुवैत, इराक और ईरान के रूट का ताजा अपडेट

कुवैत और बहरीन का हवाई क्षेत्र खुला है। इंडिगो और एयर इंडिया वहां से उड़ानें भर रही हैं। इराक सीमित उड़ानों के लिए खुल गया है। ईरान मार्ग मालवाहक विमानों हेतु आंशिक तौर पर खुला है। सरकार ने नागरिकों को ईरान जाने से बचने की सलाह दी है। दूतावास ने पच्चीस सौ चार भारतीय नागरिकों को ईरान से बाहर निकाला है। इजराइल का हवाई क्षेत्र भी सीमित उड़ानों के लिए खुल गया है।

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