New Delhi News: आज के समय में मोबाइल फोन सिर्फ बातचीत का साधन नहीं रह गया है। यह हमारा डिजिटल बैंक और निजी पहचान पत्र भी है। ऐसे में फोन चोरी होने पर घबराने के बजाय तुरंत कानूनी कार्रवाई करना जरूरी है। मोबाइल चोरी एक संज्ञेय अपराध है। आप किसी भी थाने में जाकर एफआईआर दर्ज करा सकते हैं। पुलिस एफआईआर दर्ज करने के लिए बाध्य है और वह इसे दर्ज करने से मना नहीं कर सकती। भारतीय न्याय संहिता के तहत बिना अनुमति के चल संपत्ति लेना दंडनीय अपराध है।
चोरी के बाद तुरंत एफआईआर दर्ज कराएं
मोबाइल चोरीहोते ही सबसे पहले आपको नजदीकी थाने में जाकर एफआईआर दर्ज करानी चाहिए। पुलिस एफआईआर दर्ज करने से इनकार नहीं कर सकती। यह आपका कानूनी अधिकार है। एफआईआर में फोन का IMEI नंबर, ब्रांड, मॉडल और अन्य डिटेल जरूर दें। एफआईआर की एक प्रति अपने पास रख लें। यह दस्तावेज आगे की कार्रवाई में काम आएगा। अगर कोई आपके फोन से बैंक फ्रॉड या डेटा का गलत इस्तेमाल करता है तो सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धाराओं के तहत कार्रवाई की जा सकती है। इसलिए एफआईआर का होना जरूरी है।
CEIR पोर्टल पर करें फोन ब्लॉक
एफआईआर दर्ज करानेके बाद दूसरा अहम कदम है CEIR पोर्टल पर चोरी गए मोबाइल को ब्लॉक कराना। सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्ट्रार पोर्टल पर जाकर आप अपने फोन का IMEI नंबर डालकर उसे ब्लॉक कर सकते हैं। इससे चोरी गया फोन किसी अन्य नेटवर्क पर काम नहीं करेगा। कोई भी इसका गलत इस्तेमाल नहीं कर पाएगा। CEIR पोर्टल पर फोन ब्लॉक करने के बाद आपको एक टोकन नंबर मिलेगा। इस प्रक्रिया से न सिर्फ आपकी डिजिटल सुरक्षा बढ़ती है बल्कि फोन की ट्रेसिंग में भी मदद मिलती है।
बैंक और सोशल मीडिया के पासवर्ड तुरंत बदलें
फोन चोरीहोते ही आपको अपने सभी बैंकिंग ऐप, यूपीआई, ईमेल और सोशल मीडिया अकाउंट के पासवर्ड बिना देरी किए बदल लेने चाहिए। इसके अलावा तुरंत अपने सिम कार्ड को ब्लॉक कराने के लिए मोबाइल ऑपरेटर से संपर्क करें। सिम ब्लॉक कराने से चोर आपके नंबर से कोई भी फ्रॉड नहीं कर पाएगा। कई बार चोर ओटीपी हैक करके बैंक अकाउंट खाली कर देते हैं। इसलिए देरी से बचना चाहिए। जितनी जल्दी आप ये कदम उठाएंगे, उतना ही खतरा कम होगा। फोन चोरी होने के तुरंत बाद ये सभी प्रक्रियाएं कर लेना आपकी डिजिटल सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।


