Noida News: उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले में एक निजी अस्पताल के मालिक और दो कर्मचारियों को पांच दिन की बच्ची की बिक्री में कथित रूप से शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। मंगलवार को प्रशासन ने अस्पताल को सील कर दिया। पुलिस ने अस्पताल मालकिन, एक सफाईकर्मी और ऑपरेशन थिएटर तकनीशियन को गिरफ्तार किया है। एक नर्स और उसका पति फरार हैं।
2.6 लाख रुपये में बेचने का था प्रयास
बिसरख थानाक्षेत्र स्थित निजी अस्पताल ‘नवजीवन’ के खिलाफ शनिवार को भारतीय न्याय संहिता की धारा 143(2) और 143(4) (मानव तस्करी) तथा किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस को सूचना मिली थी कि अस्पताल के एक कर्मचारी ने नवजात बच्ची को गोद दिलाने के बहाने एक व्यक्ति से 2.6 लाख रुपये की मांग की थी। सूचना के आधार पर मानव तस्करी रोधी इकाई और बिसरख थाने की टीम ने संयुक्त अभियान चलाया।
बच्ची सुरक्षित बरामद, अस्पताल सील
पुलिस केअनुसार, अभियान के दौरान शिकायतकर्ता से संपर्क किया गया और बच्ची को सुरक्षित बरामद कर लिया गया। बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के निर्देशों पर बच्ची को साई कृपा आश्रय गृह को सौंप दिया गया। गिरफ्तार आरोपियों में अस्पताल की मालकिन यशिका गर्ग (33), सफाईकर्मी गजेंद्र सिंह (35) और ऑपरेशन थिएटर तकनीशियन रणजीत सिंह (24) शामिल हैं। एक नर्स और उसका पति अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
सीएमओ ने गठित की जांच समिति, लाइसेंस रद्द
गिरफ्तारियोंके बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ने तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया। जिला स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अस्पताल का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है और उसे सील कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग मामले की विस्तृत जांच कर रहा है। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।


