Himachal News: हिमाचल प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिल ज्यादा आ रहे हैं। इस समस्या से आम जनता बहुत परेशान है। अब मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि ज्यादा बिल आने पर विभाग उसकी जांच करेगा। विभाग पिछले एक साल के बिल से इसकी तुलना करेगा। अधिकारी गलती मिलने पर बिल को तुरंत ठीक करेंगे। जनता सीधे एक्सईएन (XEN) से अपनी शिकायत दर्ज करवा सकती है। सरकार इन अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश जारी करेगी।
केंद्र की गाइडलाइन से लग रहे हैं स्मार्ट मीटर
विधानसभा में विधायक राम कुमार ने एक अहम सवाल पूछा था। इसके जवाब में मुख्यमंत्री सुक्खू ने पूरी स्थिति साफ की। उन्होंने बताया कि विभाग केंद्र की गाइडलाइन से मीटर लगा रहा है। इसके लिए सरकार ने कुछ जरूरी मानक पहले से तय किए हैं। अगर राज्य सरकार यह काम रोकती है तो बड़ा नुकसान होगा। केंद्र सरकार राज्य के फंड में बड़ी कटौती कर सकती है। इसलिए राज्य सरकार को यह काम जारी रखना पड़ रहा है।
पालमपुर में करोड़ों रुपये का बजट हुआ पास
विधायक आशीष बुटेल के सवाल पर भी मुख्यमंत्री ने जवाब दिया। उन्होंने बताया कि आरडीएसएस योजना के तहत भारी बजट मिला है। सरकार ने पालमपुर में बिजली सुधार के लिए 3224.07 लाख रुपये मंजूर किए हैं। विभाग इस पैसे से नए ट्रांसफार्मर लगाएगा और बिजली लाइन बिछाएगा। अधिकारी सब-स्टेशन का काम भी इसी योजना के तहत पूरा करेंगे। सरकार ने इस योजना में लॉस रिडक्शन और स्मार्ट मीटरिंग को मुख्य काम बताया है।
क्यों हो रही है स्मार्ट मीटर लगाने में देरी?
सरकार ने बिजली लाइनें ठीक करने का काम मैसर्ज आरवीएनएल को सौंपा है। वहीं अपरावा एनर्जी कंपनी स्मार्ट मीटर लगाने का काम कर रही है। पालमपुर में कुल 42 हजार 934 बिजली उपभोक्ता मौजूद हैं। कंपनी ने अभी तक सिर्फ 1179 घरों में ही स्मार्ट मीटर लगाए हैं। मुख्यमंत्री ने माना कि कई इलाकों में यह काम बहुत धीमा चल रहा है। सरकार इस देरी के असली कारणों की बहुत जल्द जांच करेगी। विभाग जनता की हर शिकायत का तुरंत और पक्का समाधान करेगा।


