Delhi News: हवाई यात्रियों और सोशल मीडिया रील्स बनाने वालों के लिए विमानन नियामक संस्था डीजीसीए (DGCA) ने एक बड़ा झटका दिया है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने ‘एयरक्राफ्ट रूल्स, 1937 के नियम 13’ के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए हवाई अड्डों पर फोटोग्राफी को लेकर बेहद कड़े और नए आदेश जारी कर दिए हैं।
नए सरकारी आदेश के मुताबिक, अब एयरपोर्ट के सबसे संवेदनशील हिस्सों, जैसे सिक्योरिटी होल्ड एरिया और टरमैक (जहां विमान खड़े होते हैं) पर किसी भी तरह की फोटोग्राफी या वीडियोग्राफी की अनुमति नहीं होगी। इन प्रतिबंधित क्षेत्रों में कैमरा चमकाने या वीडियो बनाने के लिए अब एयरपोर्ट ऑपरेटर की लिखित और पूर्व अनुमति लेना बेहद अनिवार्य कर दिया गया है।
यात्रियों की मनमानी पर अब लगेगा पूरी तरह कानूनी शिकंजा
इस नए आदेश के लागू होने के बाद अब यात्रियों द्वारा सुरक्षा जांच क्षेत्र (सिक्योरिटी होल्ड एरिया) में मोबाइल निकालकर फोटो खींचने पर पूरी तरह कानूनी रूप से रोक लग गई है। अक्सर देखा जाता है कि यात्री विमान के पास खड़े होकर सेल्फी और रील्स बनाने लगते हैं, जिससे सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित होती है।
डीजीसीए ने देश के सभी एयरपोर्ट प्रबंधनों को साफ निर्देश दिया है कि नियम तोड़ने वालों और बिना पूर्व अनुमति के कैमरा चमकाने वालों पर विमानन कानूनों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उड्डयन नियामक ने यह कदम हवाई अड्डों की आंतरिक सुरक्षा को और अधिक चाक-चौबंद बनाने के उद्देश्य से उठाया है।
एयरपोर्ट पर अनुमति पाने के लिए पूरी करनी होंगी ये 5 शर्तें
आदेश के मुताबिक, एयरपोर्ट ऑपरेटर किसी को भी फोटोग्राफी या वीडियोग्राफी की विशेष इजाजत तभी दे सकता है, जब वह पूरी तरह से सुनिश्चित करे कि इस गतिविधि से विमान या विमान के संचालन की सुरक्षा को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोई भी खतरा पैदा न हो।
दूसरी शर्त यह है कि यात्रियों की आवाजाही, कार्गो (सामान) के मूवमेंट या सुरक्षित विमान संचालन के लिए बनाई गई किसी भी सुविधा में कोई रुकावट न आए। तीसरी शर्त के तहत सुरक्षा या विमान संचालन की जिम्मेदारी संभाल रहे किसी भी कर्मचारी या अधिकारी का ध्यान काम से बिल्कुल न भटके और न ही बाधा आए।
कड़ी सुरक्षा जांच से गुजरना होगा, आईडी कार्ड रखना अनिवार्य
चौथी शर्त के अनुसार, एयरपोर्ट परिसर के भीतर फोटोग्राफी या शूटिंग की वजह से किसी भी तरह की भीड़ इकट्ठा नहीं होनी चाहिए। पांचवीं और अंतिम शर्त यह है कि शूटिंग या फोटोग्राफी के नाम पर एयरपोर्ट परिसर के अंदर किसी भी तरह का अस्थायी या स्थायी ढांचा खड़ा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि फोटोग्राफी करने वाले किसी भी व्यक्ति (चाहे वह क्रू मेंबर हो या कोई अन्य पेशेवर) को अपने साथ हमेशा वैध पहचान पत्र रखना होगा। इसके अलावा, ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) द्वारा जारी वैध एंट्री परमिट होना भी बेहद जरूरी है।
विदेशी क्रू पर रहेगी पाबंदी, 3 साल तक रखना होगा रिकॉर्ड
एयरसाइड में जहां विमान रनवे पर होते हैं, वहां प्रवेश करते समय फोटोग्राफी करने वाले हर व्यक्ति को उसी तरह की कड़ी सुरक्षा जांच से गुजरना होगा, जिससे एक आम हवाई यात्री गुजरता है। इस सुरक्षा जांच की प्रक्रिया में किसी भी वीआईपी या पेशेवर को कोई छूट नहीं मिलेगी।
इसके साथ ही एयरपोर्ट पर होने वाली किसी भी कमर्शियल फोटोग्राफी में किसी विदेशी क्रू को शामिल नहीं किया जा सकेगा। अगर विशेष परिस्थिति में कोई विदेशी नागरिक फोटोग्राफी कर रहा है, तो संबंधित सुरक्षा एजेंसियों से उसकी ‘सिक्योरिटी क्लीयरेंस’ होना अनिवार्य है। एयरपोर्ट ऑपरेटर को हर फोटोग्राफी का पूरा रिकॉर्ड तीन साल तक सुरक्षित रखना होगा।
Author: Gaurav Malhotra


