चांदी आयात पर सरकार का बड़ा एक्शन: DGFT ने नियमों को किया सख्त, ज्वेलर्स की बढ़ी टेंशन

Delhi News: सोने और चांदी की कीमतों में आ रहे अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव के बीच केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने देश में चांदी के आयात से जुड़े नियमों को पहले से कहीं ज्यादा कड़ा कर दिया है। अब चांदी मंगाने के लिए हर खेप पर विशेष मंजूरी लेनी होगी।

विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने इस संबंध में एक नई अधिसूचना जारी की है। नए आदेश के मुताबिक अब चांदी की हर एक खेप (Consignment) के लिए डीजीएफटी का वैध लाइसेंस होना अनिवार्य कर दिया गया है। सरकार के इस फैसले से देशभर के सर्राफा कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।

बाजार में चांदी की किल्लत और दाम बढ़ने की आशंका

देश के बड़े चांदी व्यापारियों को अंदेशा है कि नए कड़े नियमों की वजह से आने वाले दिनों में घरेलू बाजारों में चांदी की भारी किल्लत हो सकती है। सप्लाई चेन प्रभावित होने से इसकी कीमतों में और ज्यादा तेजी आने की पूरी आशंका बनी हुई है, जिससे आम उपभोक्ता परेशान होंगे।

अगर पिछले तीन साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो चांदी की कीमत में प्रति किलो दो लाख रुपये से अधिक का बड़ा उछाल आ चुका है। इस दौरान देश में चांदी का आयात मूल्य भी करीब 24 प्रतिशत तक बढ़ गया है। डॉलर के मुकाबले रुपये में आई कमजोरी को भी इसका बड़ा कारण माना जा रहा है।

जानिए पहले क्या थे नियम और अब क्या बदला

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार की यह नई कवायद चांदी के बेलगाम आयात पर प्रभावी लगाम लगाने की एक सोची-समझी कोशिश हो सकती है। डीजीएफटी ने चांदी को प्रतिबंधित श्रेणी में बरकरार रखते हुए इसके आयात की पूरी प्रक्रिया पर अब अपना नियंत्रण और ज्यादा मजबूत कर लिया है।

इस नए नियम से पहले तक देश में चांदी का आयात भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा नामित बैंकों, अधिकृत एजेंसियों और इंडिया इंटरनेशनल बुलियन एक्सचेंज (IIBX) पर पंजीकृत पात्र ज्वेलर्स आसानी से कर लेते थे। उन्हें बार-बार अलग से अनुमति लेने की जरूरत नहीं पड़ती थी।

सिल्वर डोरे के आयात नियमों में कोई बदलाव नहीं

अब लागू हुए नए नियमों के तहत इन सभी स्थापित माध्यमों को भी चांदी की हर नई खेप मंगाने के लिए अलग से नया लाइसेंस हासिल करना होगा। सरकार का यह नया नियम मुख्य रूप से चांदी के पाउडर, चांदी के दाने और 99.9 प्रतिशत या उससे अधिक शुद्ध चांदी के आयात पर सीधा असर डालेगा।

हालांकि देश के ज्वेलर्स के लिए एक छोटी सी राहत की बात यह है कि सरकार ने सिल्वर डोरे (कच्ची चांदी) के आयात नियमों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया है। देश की बड़ी रिफाइनरियां पहले की तरह ही अपने पुराने लाइसेंस के माध्यम से इसका आयात जारी रख सकेंगी।

फेडरेशन ने जताई चिंता, लाइसेंस में देरी से बढ़ेगी मुश्किल

ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन के राष्ट्रीय महासचिव नितिन केडिया ने इस फैसले पर अपनी गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि इस सरकारी निर्णय से सर्राफा बाजार के कारोबारियों में असमंजस और आशंका का माहौल बन गया है, जो व्यापार के लिए ठीक नहीं है।

कारोबारियों का साफ कहना है कि यदि डीजीएफटी द्वारा नया लाइसेंस जारी करने में थोड़ी भी देरी की जाती है, या आयात की जाने वाली चांदी की मात्रा को सीमित किया जाता है, तो स्थानीय बाजारों में मांग और आपूर्ति का संतुलन बिगड़ जाएगा, जिससे चांदी के दाम आसमान छूने लगेंगे।

Author: Rajesh Kumar

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