नरक बनी दिल्ली की ये पॉश कॉलोनी, घरों में घुस रहा सीवर का गंदा पानी, बदबू से लोगों का जीना मुहाल

Delhi News: देश की राजधानी की पॉश कॉलोनी न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी (NFC) इन दिनों नारकीय हालातों से जूझ रही है। पिछले एक सप्ताह से यहां के बी-ब्लॉक में सीवर का गंदा पानी लोगों के घरों के भीतर तक घुस रहा है। सड़कों पर बहते मलबे और उठती असहनीय बदबू ने स्थानीय निवासियों का जीना दूभर कर दिया है। बार-बार शिकायत के बावजूद जिम्मेदार विभाग गहरी नींद में सोए हुए हैं। लोग अब बीमारियों के फैलने के डर से काफी डरे हुए हैं।

अधिकारियों की अनदेखी पर फूटा जनता का गुस्सा

स्थानीय लोगों ने अपनी परेशानी को लेकर दिल्ली नगर निगम और दिल्ली जल बोर्ड को कई पत्र लिखे हैं। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से भी गुहार लगाई है लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला। थक-हारकर निवासियों ने सोशल मीडिया पर फोटो और वीडियो साझा कर अपनी पीड़ा व्यक्त की है। उनका कहना है कि पॉश इलाके में ऐसी गंदगी प्रशासन की घोर लापरवाही को दर्शाती है। जल बोर्ड के अधिकारी इस गंभीर मुद्दे पर पूरी तरह मौन साधे हुए हैं।

बीमारियों का खतरा और नारकीय जीवन

सीवर ओवरफ्लो के कारण बी-ब्लॉक की बैक लेन तालाब में तब्दील हो गई है। सड़कों पर जलभराव के चलते लोगों का पैदल चलना भी दूभर हो चुका है। गंदे पानी की वजह से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी खतरे पैदा हो गए हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे अपने ही घरों में कैद होने को मजबूर हैं। प्रशासन की ढुलमुल कार्यप्रणाली ने इस वीआईपी इलाके को गंदगी के ढेर में बदल दिया है।

आरडब्ल्यूए ने संभाली कमान, पर राहत अस्थायी

प्रशासनिक मदद न मिलने पर रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) ने खुद ही मोर्चा संभाला है। प्रभावित इलाकों से गंदा पानी निकालने के लिए फिलहाल सबमर्सिबल पंप लगाए गए हैं। हालांकि, आरडब्ल्यूए के पदाधिकारियों का मानना है कि यह केवल एक अस्थायी समाधान है। जब तक मुख्य सीवर लाइन की सफाई नहीं होगी, तब तक समस्या बनी रहेगी। यह पंप केवल कुछ घंटों के लिए राहत देते हैं, लेकिन गंदा पानी दोबारा गलियों में जमा हो जाता है।

मुख्य ट्रंक लाइन में ब्लॉकेज बनी बड़ी मुसीबत

आरडब्ल्यूए की मांग है कि महारानी बाग स्थित मुख्य ट्रंक सीवर लाइन की तुरंत सफाई की जाए। यही लाइन पूरे इलाके के सीवेज को किलोकरी स्थित एसटीपी प्लांट तक ले जाती है। पाइपलाइन में भारी ब्लॉकेज और कई जगह क्षति होने के कारण आए दिन सीवर उफनने लगता है। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर सफाई न होने से पाइप पूरी तरह चोक हो चुके हैं। इसके लिए आधुनिक मशीनों की मदद से सफाई अभियान चलाना बेहद जरूरी है।

पाइपलाइन की मरम्मत के लिए तरसते निवासी

कॉलोनी के लोगों का कहना है कि क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों के कारण हर दूसरे दिन किसी न किसी ब्लॉक में गंदा पानी भर जाता है। बी-ब्लॉक के घरों में बेसमेंट तक सीवर का पानी पहुंच गया है, जिससे इमारतों की नींव को भी खतरा पैदा हो गया है। हर दिन शिकायतें दर्ज कराने के बाद भी समाधान न होना सरकारी तंत्र की विफलता है। निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे प्रदर्शन करेंगे।

प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की आखिरी उम्मीद

अशोका पार्क क्षेत्र के निवासियों ने दिल्ली सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। वे चाहते हैं कि दिल्ली जल बोर्ड के दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। पॉश कॉलोनियों में बुनियादी सुविधाओं का ऐसा अभाव सरकारी दावों की पोल खोल रहा है। फिलहाल लोग नारकीय स्थिति में रहने को मजबूर हैं। अब देखना होगा कि एमसीडी और जल बोर्ड इस समस्या को सुलझाने के लिए कब सक्रिय कदम उठाते हैं।

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