चंदौली में सड़क चौड़ीकरण पर व्यापारियों का आक्रोश, नियमों की अनदेखी का आरोप लगाकर डीएम से मिलने का फैसला

Chandoli News: मुगलसराय के अग्रवाल सेवा संस्थान में व्यापारियों और अधिवक्ताओं की अहम बैठक हुई। इसमें सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित दुकानदारों के साथ कथित अन्याय पर गहन चर्चा हुई। व्यापारियों ने स्पष्ट किया कि वे विकास कार्य के खिलाफ नहीं हैं। वे केवल प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुप्रीम कोर्ट के नियमों के अनुसार उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं।

प्रशासन पर लगे सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों की अनदेखी के आरोप

किसान न्याय मोर्चा के प्रदेश संयोजक अधिवक्ता महेंद्र शाह ने बैठक में गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय ने 6 नवंबर 2024 को जो दिशा-निर्देश जारी किए थे, उनका पालन नहीं हो रहा है। उनका कहना था कि उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव के स्पष्ट आदेशों की भी जमीनी स्तर पर अनदेखी की जा रही है। जिलाधिकारी के निर्देश के बाद भी एसडीएम और लोक निर्माण विभाग मनमानी कर रहे हैं।

बिना नोटिस के माइक से मकान खाली करने की चेतावनी

महेंद्र शाह ने 26 अप्रैल की एक गंभीर घटना का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि व्यापारियों को बिना कोई लिखित नोटिस दिए माइक से मकान खाली करने की धमकी दी गई। यह कार्रवाई बिना सुनवाई या आधिकारिक आदेश के की गई, जो नियमों का सरासर उल्लंघन है। इससे क्षेत्र के दुकानदारों में भारी रोष और असुरक्षा की भावना पैदा हो गई है।

प्रभावित परिवारों के लिए मुआवजे के प्रावधानों की विस्तृत जानकारी

अधिवक्ताओं ने बैठक में भूमि अधिग्रहण कानून 2013 के तहत मिलने वाले लाभ गिनाए। यदि जमीन आबादी श्रेणी की है तो मकान और जमीन दोनों का पूरा मुआवजा देय होगा। बंजर या नवीन परती भूमि पर बने निर्माण का ही भुगतान मिलेगा। साथ ही हर प्रभावित भूमिधर परिवार को 5 लाख रुपये का राहत पैकेज अलग से दिया जाना अनिवार्य है।

किराएदार व्यापारियों के अधिकारों पर भी हुई चर्चा

बैठक में दक्षिण पटरी के किराएदार व्यापारियों के हितों पर भी विस्तार से बात की गई। अधिवक्ताओं ने बताया कि दुकान या मकान किराए पर चलाने वाले व्यापारी को संरचना के नुकसान का मुआवजा जरूर मिलेगा। हालांकि वे जमीन के मुआवजे के हकदार नहीं होंगे। यह प्रावधान कारोबार के नुकसान की आंशिक भरपाई सुनिश्चित करता है।

अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर और डीएम से मिलने का निर्णय

आक्रोशित व्यापारियों ने बैठक के अंत में एकजुट होकर बड़ा फैसला लिया। उन्होंने नियमों की अनदेखी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की। सभी ने सर्वसम्मति से तय किया कि वे जल्द ही जिलाधिकारी चंदौली से मुलाकात करेंगे। वे डीएम के सामने अपनी सभी समस्याएं और न्यायपूर्ण मुआवजे की मांगें मजबूती से रखेंगे।

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