बिहार के सरकारी कार्यक्रमों में अब गूंजेगा राज्य गीत, नीतीश सरकार ने जारी किया सख्त फरमान

Patna News: बिहार की नीतीश सरकार ने राज्य के सभी सरकारी कार्यक्रमों और शैक्षणिक संस्थानों के लिए एक बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला लिया है। अब राज्य में आयोजित होने वाले हर सरकारी आयोजन की शुरुआत और समापन के लिए विशेष नियम तय कर दिए गए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में सभी विभागों, प्रमंडलीय आयुक्तों और जिलाधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। इस नए आदेश के बाद अब कार्यक्रमों का स्वरूप पूरी तरह से बदलने वाला है।

राष्ट्रीय गीत से होगी कार्यक्रमों की शुरुआत

सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव मोहम्मद सोहैल द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के मुताबिक, किसी भी सरकारी समारोह का आगाज अब अनिवार्य रूप से राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के साथ किया जाएगा। इसके तुरंत बाद राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ का गायन होगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इन दोनों के गायन के पश्चात ही कार्यक्रम की अगली कार्यवाही शुरू की जा सकेगी। यह नियम राज्य के सभी सरकारी कार्यालयों और स्वायत्त निकायों पर समान रूप से लागू होगा।

‘मेरे भारत के कंठहार’ से होगा समापन

बिहार सरकार ने अपनी क्षेत्रीय अस्मिता और गौरव को बढ़ावा देने के लिए एक और विशेष प्रावधान किया है। अब हर सरकारी कार्यक्रम का समापन बिहार राज्य गीत ‘मेरे भारत के कंठहार, तुझको शत-शत वंदन बिहार’ के गायन के साथ होगा। सरकार का मानना है कि इस कदम से लोगों में बिहार के गौरवशाली इतिहास और अपनी पहचान के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। राज्य गीत को अनिवार्य बनाकर सरकार ने बिहार की सांस्कृतिक विरासत को सम्मान दिया है।

शिक्षण संस्थानों के लिए भी नए निर्देश

यह नया नियम केवल सरकारी दफ्तरों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसे सभी शैक्षणिक संस्थानों में भी लागू किया गया है। स्कूलों और कॉलेजों में किसी भी आयोजन की शुरुआत राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान से करनी होगी। हालांकि, वर्तमान आदेश में यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं है कि इसे प्रतिदिन की कक्षाओं से पहले गाना है या केवल विशेष आयोजनों तक सीमित रखना है। सरकार का मुख्य उद्देश्य छात्रों और आम नागरिकों में राष्ट्रीयता और गौरव की भावना को प्रबल करना है।

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