National News: पांच राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के विधानसभा चुनावों में चुनाव आयोग ने बड़ी कार्रवाई की है। चुनाव के दौरान लगभग 1445 करोड़ रुपये से अधिक की जब्ती हुई है। इस जब्ती में भारी मात्रा में अवैध नकदी, शराब, मादक पदार्थ और वोटरों को बांटने वाली वस्तुएं शामिल हैं। यह आंकड़ा पिछले 2021 के चुनावों की तुलना में 40.14 प्रतिशत अधिक है। चुनाव आयोग ने बताया कि चुनाव को पूरी तरह निष्पक्ष बनाने के लिए यह सख्त कदम उठाया गया है।
तमिलनाडु में सबसे ज्यादा अवैध नकदी बरामद
चुनाव आयोग के अनुसार तमिलनाडु में सबसे अधिक अवैध नकदी पकड़ी गई है। पश्चिम बंगाल में सबसे ज्यादा शराब और नशीले पदार्थ जब्त हुए हैं। बंगाल में पिछले चुनाव के मुकाबले जब्ती में 68.92 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। तमिलनाडु में यह आंकड़ा 48.40 प्रतिशत बढ़ा है। इन सभी चुनावी राज्यों में कुल 155 करोड़ रुपये की नकदी बरामद हुई है। इसके अलावा टीमों ने 183.33 करोड़ रुपये मूल्य की लगभग 70 लाख लीटर शराब भी जब्त की है।
मतदाताओं को लुभाने के लिए बंटी सामग्री
राजनीतिक दल वोटरों को अपने पक्ष में करने के लिए कई प्रलोभन देते हैं। चुनावों के दौरान साड़ियां, कपड़े, प्रेशर कुकर, बर्तन और टीवी जैसी चीजें बांटी जाती हैं। चुनाव को हिंसा और प्रलोभन मुक्त बनाने के लिए आयोग ने कड़े इंतजाम किए थे। इसके लिए 376 चुनाव पर्यवेक्षकों की विशेष ड्यूटी लगाई गई थी। साथ ही 7470 उड़न दस्ते और 7470 निगरानी टीमें भी पूरे समय तैनात रहीं। इन सभी टीमों ने हर संदिग्ध गतिविधि पर कड़ी नजर रखी।
चुनाव नतीजे और आचार संहिता की समाप्ति
चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में चुनावी नतीजे घोषित हो गए हैं। आयोग ने बताया कि परिणाम आने के बाद आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से समाप्त हो गई है। पश्चिम बंगाल के फलता विधानसभा क्षेत्र में यह अभी लागू रहेगी। वहां अभी मतदान होना बाकी है। राजनीतिक दलों के सही आचरण के लिए चुनाव से पहले एमसीसी लागू होती है। बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में अप्रैल महीने में शांतिपूर्ण ढंग से मतदान संपन्न हुआ था।


