बिहार के 15 साल के लड़के ने रचा इतिहास; टीम इंडिया में एंट्री से मचा तहलका, धोनी-इशान भी नहीं कर पाए थे ये कमाल!

Cricket News: बिहार क्रिकेट के इतिहास में 6 जून 2026 का दिन हमेशा के लिए स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गया है। अजीत अगरकर की अगुआई वाली राष्ट्रीय चयन समिति ने शनिवार को भारतीय टीम का ऐलान किया। इस टीम में बिहार के 15 वर्षीय युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी को शामिल कर बड़ा फैसला लिया गया है।

- Advertisement -

भारतीय चयनकर्ताओं ने आगामी आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के साथ-साथ एशियन गेम्स के लिए भी टीम इंडिया की घोषणा की है। इस घोषणा में जैसे ही वैभव सूर्यवंशी का नाम सामने आया, वैसे ही पूरे बिहार राज्य में जश्न का माहौल बन गया। यह पल बिहार क्रिकेट के लिए बेहद गौरवशाली माना जा रहा है।

विवादों से निकलकर मानचित्र पर चमका बिहार

कुछ साल पहले बिहार क्रिकेट संघ रणजी ट्रॉफी मैच के दौरान मैदान पर दो अलग-अलग टीमें उतारने के कारण विवादों में आया था। इसके अलावा घरेलू मैदानों की बदहाली के लिए भी राज्य की काफी किरकिरी हुई थी। हालांकि, वैभव सूर्यवंशी के चयन ने बिहार को फिर से भारतीय क्रिकेट के मानचित्र पर स्थापित कर दिया है।

वैभव सूर्यवंशी भारतीय टीम में चुने जाने वाले बिहार के पहले क्रिकेटर नहीं हैं, लेकिन वह बिहार के लिए घरेलू क्रिकेट खेलकर भारतीय टीम में जगह बनाने वाले बिरले खिलाड़ी जरूर हैं। 21वीं सदी में बीसीसीआई से मान्यता मिलने के बाद बिहार से सीधे भारतीय टीम में आने वाले वह पहले खिलाड़ी हैं।

- Advertisement -

धोनी और सबा करीम का अनोखा इतिहास

वर्तमान समय में इशान किशन, मुकेश कुमार और आकाशदीप जैसे बेहतरीन खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। हालांकि, घरेलू क्रिकेट में बिहार का प्रतिनिधित्व करके भारतीय टीम में चुने जाने वाले खिलाड़ियों की संख्या हमेशा से बहुत कम रही है, जिसे वैभव ने बदला है।

भारतीय टीम के पूर्व दिग्गज कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और सबा करीम जैसे बड़े खिलाड़ियों ने भी कभी बिहार का प्रतिनिधित्व किया था। हालांकि, इन दोनों ही खिलाड़ियों ने अपने करियर के दौरान घरेलू क्रिकेट में दो अलग-अलग राज्यों की टीमों से खेलकर अपनी पहचान बनाई थी।

अन्य राज्यों से खेलने की रही बड़ी मजबूरी

सबा करीम का जब पहली बार भारतीय टीम में चयन हुआ था, तब वह बिहार के लिए ही खेलते थे। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू करने से पहले ही वह बंगाल की टीम के लिए खेलने लगे थे। वहीं, जब महेंद्र सिंह धोनी भारतीय टीम में आए, तब तक बिहार और झारखंड का विभाजन हो चुका था।

झारखंड बनने के बाद बीसीसीआई ने बिहार क्रिकेट को प्रतिबंधित कर दिया था। यही मुख्य कारण रहा कि इशान किशन, आकाशदीप और मुकेश कुमार जैसे प्रतिभावान खिलाड़ियों को घरेलू क्रिकेट खेलने के लिए बिहार छोड़कर दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ा और वे वहां से आगे बढ़े।

झारखंड की राह पर अब चलेगा बिहार

महेंद्र सिंह धोनी के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में आने के बाद झारखंड ने भारतीय टीम को कई बेहतरीन क्रिकेटर दिए। इनमें वरुण आरोन, सौरभ तिवारी और शाहबाज नदीम जैसे खिलाड़ियों के नाम शामिल हैं। इन खिलाड़ियों का करियर भले ही बहुत लंबा नहीं रहा, लेकिन झारखंड ने लगातार खिलाड़ी देना जारी रखा।

आईपीएल में भी कुमार कुशाग्र, रॉबिन मिंज और अनुकूल रॉय जैसे झारखंड के खिलाड़ी खेल रहे हैं। अब बिहार को भी पूरी उम्मीद होगी कि वैभव सूर्यवंशी के बाद उसके अन्य खिलाड़ी भी शीर्ष स्तर पर पहुंचेंगे। तेज गेंदबाज साकिब हुसैन आईपीएल 2026 में सनराइजर्स हैदराबाद का हिस्सा थे।

श्रेयस अय्यर को मिली बड़ी जिम्मेदारी

इस चयन में श्रेयस अय्यर को लेकर भी एक बड़ा फैसला लिया गया है। अय्यर ने दिसंबर 2023 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपना आखिरी टी20 मैच खेला था। पिछले तीस महीनों से टी20 टीम से बाहर रहने के बावजूद चयनकर्ताओं ने उनके आईपीएल अनुभव को देखते हुए उन्हें सीधे कप्तान नियुक्त किया है।

श्रेयस अय्यर ने भारत के लिए अब तक खेले 51 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 30.66 के औसत और 136.12 के स्ट्राइक रेट से कुल 1104 रन बनाए हैं। इस प्रारूप में उनके नाम आठ अर्धशतक दर्ज हैं। उनकी इसी काबिलियत के दम पर उन्हें सीधे टीम की कमान सौंप दी गई है।

Author: Amit Yadav

- Advertisement -

बड़ी खबरें

Topics

Related Articles