Lucknow News: उत्तर प्रदेश में एक जिला एक उत्पाद यानी ओडीओपी योजना युवाओं के लिए स्वरोजगार का बड़ा जरिया बन चुकी है। राज्य के युवा अब अपने परिवार के पारंपरिक काम को छोटा या कम कमाई वाला नहीं मान रहे हैं। वे आधुनिक तकनीक, सही डिजाइन, आकर्षक पैकेजिंग और डिजिटल सेल के माध्यम से अपने बिजनेस को नया रूप दे रहे हैं।
ओडीओपी योजना से युवा अब बने नए जमाने के डिजिटल उद्यमी
अब युवा केवल कारीगर बनकर नहीं रह गए हैं, बल्कि वे खुद को नए जमाने के डिजाइनर, सेलर, मार्केटर और उद्यमी के रूप में स्थापित कर रहे हैं। उदाहरण के लिए, लकड़ी के खिलौने बनाने वाले परिवार के युवा अब बच्चों के लिए खास गिफ्ट सेट और होम डेकोर प्रोडक्ट तैयार कर रहे हैं।
चिकनकारी के काम से जुड़े युवा अब पुराने डिजाइन को अपडेट करके ऑनलाइन कलेक्शन लॉन्च कर रहे हैं। वहीं, गुड़ या अन्य फूड प्रोडक्ट बनाने वाले परिवार साफ-सुथरी पैकिंग और नए ब्रांड नाम के साथ बाजार में उतर रहे हैं। इससे उन्हें बहुत कम समय में नए और बड़े ग्राहक आसानी से मिल रहे हैं।
स्थानीय व्यापार में महिलाओं और युवाओं को मिला नया स्कोप
ओडीओपी की इस उद्यमिता यात्रा में महिलाओं और युवाओं के लिए रोजगार के व्यापक अवसर पैदा हुए हैं। वे अपनी रुचि के अनुसार कढ़ाई, फूड प्रोसेसिंग, हैंडीक्राफ्ट निर्माण, फोटो शूट, डिजिटल मार्केटिंग और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। इस बदलाव से अब छोटे शहरों में युवाओं को घर के पास काम मिल रहा है।
इस योजना के कारण अब परिवार का पुराना बिजनेस एक बेहतरीन टीम वर्क में बदल गया है। घर का एक सदस्य अगर प्रोडक्ट बनाता है, तो दूसरा उसकी पैकिंग संभालता है। वहीं, तीसरा सदस्य उसे ऑनलाइन स्टोर पर अपलोड करता है और अन्य सदस्य ग्राहक सहायता और डिलीवरी का काम देखते हैं।
लोकल से ग्लोबल बाजार तक पहुंचेंगे अब स्वदेशी उत्पाद
जब स्थानीय उत्पादों की क्वालिटी और ब्रांडिंग बेहतर होती है, तो उनके लिए नेशनल और ग्लोबल मार्केट के दरवाजे खुल जाते हैं। पीआईबी की रिपोर्ट के अनुसार, ओडीओपी के प्रयासों से एक्सपोर्ट में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सरकार मार्जिन मनी स्कीम के तहत युवाओं को वित्तीय सहायता दे रही है।
इसके साथ ही कारीगरों को आधुनिक ट्रेनिंग और टूलकिट जैसी सुविधाएं भी मुहैया कराई जा रही हैं। अगर प्रोडक्ट की क्वालिटी अच्छी है और मार्केटिंग सही दिशा में हो, तो छोटे जिले का सामान भी बड़े अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच सकता है। इससे युवाओं की सोच में बड़ा बदलाव आ रहा है।
पिछले नौ वर्षों में यूपी की विकास यात्रा ने रचा नया इतिहास
उत्तर प्रदेश की पिछले नौ साल की विकास यात्रा में ओडीओपी ने युवाओं को स्थानीय हुनर की असली कीमत समझाई है। इसने साबित किया है कि गांव और कस्बे की पहचान भी एक बड़ा बिजनेस बन सकती है। ओडीओपी ने युवाओं को अपनी कला पर भरोसा करना सिखाया है।
इस योजना ने युवाओं को तीन बड़े भरोसे दिए हैं। पहला, उनके जिले का प्रोडक्ट सबसे खास है। दूसरा, उस प्रोडक्ट को स्किल, फाइनेंस और मार्केट सपोर्ट मिल सकता है। तीसरा, परिवार का पुराना हुनर अब नई पीढ़ी के लिए एक सुरक्षित और मुनाफे वाला भविष्य का बिजनेस बन सकता है।

