Mumbai News: भारतीय शेयर बाजार के लिए सोमवार का दिन काले सोमवार जैसा साबित हो रहा है। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन बाजार खुलते ही निवेशकों को तगड़ा झटका लगा। सेंसेक्स और निफ्टी में भारी बिकवाली देखी जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा एक साल तक सोना न खरीदने की अपील का असर अब ज्वैलरी कंपनियों के शेयरों पर साफ दिख रहा है। टाइटन, कल्याण ज्वैलर्स और सेंको गोल्ड जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयर 12 फीसदी तक टूट गए हैं।
सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट का दौर
बाजार खुलते ही सुबह 9:20 बजे सेंसेक्स 900 अंकों की भारी गिरावट के साथ 76,427 के स्तर पर आ गया। वहीं, निफ्टी भी 261 अंक लुढ़ककर 23,914 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 29 शेयर लाल निशान पर हैं। बाजार की इस गिरावट ने निवेशकों की बड़ी पूंजी स्वाहा कर दी है। इससे पहले सुबह 9:15 बजे सेंसेक्स 690 अंक नीचे 76,638 पर खुला था।
ज्वैलरी स्टॉक्स में मची भगदड़
प्रधानमंत्री की अपील के बाद गोल्ड ज्वैलरी बेचने वाली कंपनियों के निवेशकों में डर का माहौल है। टाइटन कंपनी, कल्याण ज्वैलर्स, सेंको गोल्ड और स्काई गोल्ड एंड डायमंड्स के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मांग में कमी आने की आशंका से ये शेयर दबाव में हैं। ज्वैलरी सेक्टर के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में भी बिकवाली का दबाव देखा जा रहा है। केवल एक शेयर फिलहाल हरे निशान पर टिका है।
ग्लोबल मार्केट और कच्चे तेल का दबाव
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव ने वैश्विक बाजारों के साथ-साथ भारतीय बाजार को भी हिला दिया है। अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता विफल होने के संकेतों ने अनिश्चितता बढ़ा दी है। होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने की खबरों से ब्रेंट क्रूड वायदा 3.43% बढ़कर 104.76 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। कच्चे तेल की इन कीमतों ने घरेलू मुद्रा पर भी दबाव डाला है। डॉलर के मुकाबले रुपया 40 पैसे गिरकर 94.88 पर खुला।
सोने और चांदी की कीमतों में भी उतार-चढ़ाव
अंतरराष्ट्रीय बाजार में शांति वार्ता में प्रगति न होने के कारण सोने की कीमतों में गिरावट देखी जा रही है। स्पॉट गोल्ड 0.6% गिरकर 4,687.49 डॉलर प्रति औंस पर आ गया है। अमेरिकी सोना वायदा भी 0.7% की गिरावट के साथ 4,696.60 डॉलर पर है। चांदी की कीमतें फिलहाल 80.32 डॉलर प्रति औंस पर स्थिर बनी हुई हैं। वैश्विक स्तर पर डॉलर इंडेक्स 98.001 पर कारोबार कर रहा है, जो उभरते बाजारों के लिए चुनौती बना हुआ है।
एशियाई और अमेरिकी बाजारों का मिला-जुला असर
एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिल रहा है। जापान का निक्केई और दक्षिण कोरिया का कोस्पी बढ़त के साथ बंद हुए, लेकिन गिफ्ट निफ्टी से मिल रहे संकेत नकारात्मक थे। गिफ्ट निफ्टी 142 अंकों की छूट के साथ कारोबार कर रहा था, जिसने भारतीय बाजार की खराब शुरुआत की पहले ही पुष्टि कर दी थी। अमेरिकी बाजार शुक्रवार को रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद हुए थे, लेकिन आज की वैश्विक परिस्थितियों ने उन सकारात्मक संकेतों को पूरी तरह धो दिया है।

