Patna News: बिहार की राजधानी पटना में बेखौफ चोरों ने अब उन पॉश इलाकों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है, जिन्हें सबसे सुरक्षित माना जाता है। गर्दनीबाग पुलिस कॉलोनी में पुलिस मुख्यालय और डीजीपी आवास के नजदीक एक रिटायर्ड डीएसपी के घर करीब 20 लाख रुपये की बड़ी चोरी हुई है।
वीआईपी इलाकों में आखिर क्यों बढ़ रही हैं चोरी की घटनाएं
इस सनसनीखेज वारदात ने पटना पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि बदमाशों ने पहले बंद घर की रेकी की थी। इसके बाद लॉकर तोड़कर कीमती ज्वेलरी और कैश लेकर फरार हो गए। फिलहाल पुलिस टीम जांच में जुटी है।
जांच अधिकारियों के मुताबिक अपराधी अब जानबूझकर ऐसे घरों को चुन रहे हैं, जहां भारी मात्रा में कैश और जेवर मिलने की उम्मीद होती है। पाटलिपुत्र, शास्त्रीनगर, राजीव नगर, कंकड़बाग और फुलवारी जैसे वीआईपी इलाकों में लगातार चोरी और स्नेचिंग की वारदातों में तेजी से बढ़ोतरी देखी गई है।
छह महीनों में करोड़ों की संपत्ति पर साफ किया हाथ
राजधानी में जनवरी से जून 2026 के बीच क्राइम का ग्राफ तेजी से ऊपर गया है। आंकड़ों के मुताबिक इस दौरान घरों में चोरी के 840 से अधिक मामले दर्ज किए गए। इसके अलावा राहजनी और स्नेचिंग के भी 620 से ज्यादा केस पुलिस रिकॉर्ड में सामने आए हैं।
इन सभी आपराधिक घटनाओं में कुल मिलाकर करीब 12.3 करोड़ रुपये की संपत्ति पर अपराधियों ने हाथ साफ किया है। हालांकि पुलिस विभाग अब तक केवल 35 प्रतिशत चोरी का सामान ही बरामद कर पाया है। बाहरी गैंग की सक्रियता के कारण पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में समय लग रहा है।
वीआईपी और आम इलाकों में हुए बड़े आपराधिक मामले
अप्रैल 2026 में न्यू पाटलिपुत्र कॉलोनी के रहमान एनक्लेव अपार्टमेंट के दो फ्लैटों से 30 लाख रुपये की चोरी हुई थी। पुलिस ने इस मामले में मोहम्मद जुनैद को गिरफ्तार किया था। वहीं फरवरी में पाटलिपुत्र क्षेत्र से सीरियल चोर कल्लू को भारी मात्रा में जेवरों के साथ पकड़ा गया था।
शहर के अन्य इलाकों में भी अपराधी पूरी तरह सक्रिय हैं। गोपालपुर में कैश वैन से 27 लाख रुपये की बड़ी लूट हुई थी। इसके अलावा बेउर में कलेक्शन एजेंट से 5.25 लाख रुपये लूटे गए थे, जबकि पालीगंज में एक ज्वेलरी शॉप से 60 लाख रुपये के जेवर चोरी हुए थे।
सदर 2 के डीएसपी रंजन कुमार ने बताया कि हाईप्रोफाइल मामलों के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया है। संवेदनशील इलाकों में रात की गश्त बढ़ा दी गई है। सभी बड़े मामलों में एफएसएल की मदद ली जा रही है और सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से मॉनिटरिंग की जा रही है।

